राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिला समूहों का गठन कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में सोनभद्र प्रदेश में नंबर वन आया है। वित्तीय सत्र की पहली तिमाही में लक्ष्य का सर्वाधिक 83 प्रतिशत समूहों का गठन किया गया है। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में वर्चुअल समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने जिले की उपलब्धि को सराहा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक एमजी रवि ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में कुल 1390 महिला समूहों का गठन करके ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार मुहैया कराये जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें प्रथम तिमाही में 346 महिला समूहों का गठन किया जाना था। बताया कि 346 के सापेक्ष अब तक 288 महिला समूहों का गठन किया जा चुका है। सोमवार को पहले तिमाही की वर्चुअल समीक्षा बैठक हुई। इसमें प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सोनभद्र को 83वां रैंक हासिल हुआ है, इसके साथ ही जनपद पहले स्थान पर है। महिला समूहों के गठन करने में सबसे खराब स्थिति वाले दस जिलों में मुजफ्फरनगर, कासगंज, कानपुर देहात, महोबा, संभल, बरेली, कौशांबी, अलीगढ़, हाथरस और मेरठ शामिल हैं।
टॉप-10 में हैं यह जिले
सोनभद 83 प्रतिशत
हमीरपुर 69 प्रतिशत
श्रावस्ती 64 प्रतिशत
बांदा 64 प्रतिशत
आजमगढ़ 61 प्रतिशत
महराजगंज 58 प्रतिशत
मुरादाबाद 56 प्रतिशत
सुल्तानपुर 53 प्रतिशत
बहराइच 52 प्रतिशत
आगरा 51 प्रतिशत