खलियारी। जनपद के सीमा से सटे यूपी-बिहार बार्डर के जंगलों में बाघ के आने की चर्चा है। बाघ के आतंक से बार्डर के से सटे गांव के लोगों में दहशत है। बाघ द्वारा तीन दिन के अंदर करीब एक दर्जन पशुओं को मारकर सीना व कलेजा खा जाने की चर्चा है। लेकिन बाघ को किसी ने अभी तक देखा नहीं है। वन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बाघ को न देखे जाने की बात कही है।
यूपी- सीमा से सटे पांच किमी दूरी पर बिहार राज्य के अधौरा थाना क्षेत्र के चौधरना के जंगल में सोमवार को चार भैंस मरी पड़ी थीं। चौधरना निवासी प्रभु यादव, रामबचन यादव की चारो भैंस थी जिनको बाघ ने शिकार बनाया था। रविवार को अमहरा के जंगल में भी दो पशुओं को मारकर खा गया। सोमवार की रात में मांची वन रेंज क्षेत्र के दूधमनिया के जंगल में घूम रहे बाघ की दहाड़ को आस पास के लोगों ने सुना है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ का इस तरह घूमना जनमानस के लिऐ खतरा है। इसलिए इसकी जांच यूपी व बिहार राज्य के वन विभाग संयुक्त रूप से करें। अगर बाघ है तो उसको सही जगह पहुंचाया जाए। मांची रेंज के रेंजर बीबी सिंह ने बताया कि बाघ के आने की सूचना नहीं है। फिर भी जंगलों में खोजबीन कराई जाएगी।