सोनभद्र। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने तहसील स्तर पर पराली (धान का पुआल, अन्य कृषि अपशिष्टों) के जलाये जाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तहसील स्तर पर उड़न दस्ता गठित किया है। तहसील घोरावल के लिए एसडीएम घोरावल, राबर्ट्सगंज के लिए एसडीएम राबर्ट्सगंज व दुद्धी के लिए एसडीएम दुद्धी को दस्ता प्रभारी बनाया गया है। पुलिस विभाग के अधिकारी संबंधित क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी शामिल रहेंगे। एडीओ (कृषि) घोरावल को घोरावल, एडीओ चतरा को नगवां एवं चोपन, एडीओ (कृषि) दुद्धी को बभनी एवं म्योरपुर का नोडल बनाया गया है। डीएम ने बताया कि गठित उड़नदस्ते को इस निर्देश के साथ कि किसी भी स्थित में धान पराली एवं अन्य कृषि अपशिष्ट न जलाये जाये, इस हेतु प्रत्येक तहसील एवं ब्लॉक के सभी लेखपाल एवं ग्राम प्रधानों को सम्मिलित करते हुए एक व्हाट्स-एप ग्रुप बनाया जाए। यदि उस क्षेत्र में कहीं भी फसल अवशेष जलाये जाने की घटना होती है तो संबंधित लेखपाल एवं ग्राम प्रधान व्हाट्स-एप ग्रुप एवं दूरभाष के जरिए संबंधित तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्ते को तत्काल इसकी सूचना देंगे। कृषि अपशिष्ट जलाने की घटना पर संबंधित को दंडित किया जाएगा। साथ ही क्षतिपूर्ति की वसूली की जाएगी। तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्ते का यह दायित्व होगा कि धान कटने के समय से लेकर रबी में गेहूं की बुआई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिये की गई कार्रवाई की निगरानी एवं अनुश्रवण करते हुए प्रत्येक कार्य दिवस की सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तर पर गठित सेल को देंगे। डीएम ने ग्राम प्रधान एवं लेखपाल को निर्देश दिया कि किसी भी हाल में अपने से संबंधित क्षेत्र में कृषि अपशिष्ट न जलाने दिया जाय। वरना लेखपाल जिम्मेदार होंगे। एडीओ कृषि फसल अवशेष प्रबंधन कराएं।