जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक कुमार, जो मृतका का दूर का मामा है, घटना में शामिल है। पुलिस जब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने पहुंची तो उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ये है मामला
म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को बालिका (12) का शव घर से 100 मीटर दूर खेत में पाया गया था। बालिका ननिहाल में रह रही थी और रविवार की शाम से लापता थी। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। गले व शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान भी मिले हैं।
विंध्याचल रेंज के डीआईजी आरपी सिंह, एएसपी अनिल कुमार सहित अन्य पुलिस अफसरों व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की थी। मेडिकल कॉलेज में दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया थी। मां की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
12 वर्षीय बालिका रविवार की देर शाम करीब सात बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित दुकान से सामान लेने गई थी। सामान लेकर घर लौटते वक्त वह रास्ते से ही लापता हो गई थी। परिवार वालों ने आसपास काफी खोजबीन की। सुबह होने पर भी उसका कहीं पता नहीं चला तो म्योरपुर थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दी।
उनके घर लौटने के कुछ देर बाद ही 100 मीटर दूरी पर खेत की मेड़ पर बालिका का शव देखा गया। परिजन मौके पर पहुंचे तो हालत देख सन्न रह गए। बालिका के कपड़े अस्त-व्यस्त थे। शरीर पर चोट के भी निशान मिले। घटना की सूचना मिलते ही म्योरपुर एसओ रविकांत मिश्र मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में दुद्धी सीओ राजेश राय, एएसपी अनिल कुमार और दोपहर बाद डीआईजी आरपी सिंह ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
पीड़ित परिवार से पूछताछ की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज लोढ़ी भेज दिया। यहां डॉक्टरों के दो सदस्यीय पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। बताते हैं कि बालिका की मां की शादी इटावा जिले में हुई थी, मगर लंबे समय से वह मायके में ही रह रही थी। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।