एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार की शाम बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग की खदान में ड्रिलिंग के दौरान चट्टान धंसने से वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों के मलबे में दबने की सूचना मिली थी। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन रात में शुरू करा दिया गया था। अब तक खदान से पांच शव मिल चुके हैं। शवों की पहचान इंद्रजीत, संतोष, राजू और रविंद्र उर्फ नानक के रूप में हुई है। कृपाशंकर की तलाश जारी है।
एक जनप्रतिनिधि का बेहद खास है खदान मालिक
खदान हादसे में आरोपी बनाए गए पट्टाधारक सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं। जिले में उनके कामकाज की देखरेख का जिम्मा भी वही संभाल रहे हैं। शनिवार को हादसे से पहले तक दोनों को साथ में देखा गया था। सूत्रों की मानें तो जनप्रतिनिधि की शह पर ही नियम विरुद्ध काम पर कोई मुंह नहीं खोलता था।