म्योरपुर हवाई अड्डे का काम बंद होने पर पसरा सन्नाटा।
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सोनभद्र जिले से हवाई सफर शुरू होने का सपना देख रहे लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद म्योरपुर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य बाधित हो गया है। विवाद के चलते अब अक्तूबर तक एयरपोर्ट का काम पूरा होने के आसार कम दिख रहे हैं। विवादित भूमि पर ही पार्किंग, टर्मिनस भवन जैसे महत्वपूर्ण निर्माण हैं। ऐसे में अन्य हिस्सों का काम पूरा कराने के बाद भी इस क्षेत्र में निर्माण होने तक एयरपोर्ट चालू करना संभव नहीं होगा। अब 20 सितंबर को होने वाली सुनवाई का इंतजार सबको है।
म्योरपुर में निर्मित हवाई पट्टी को सरकार हवाई अड्डे के रूप में विस्तारित कर रही है। शासन की प्राथमिकता वाली इस परियोजना को पूरा करने के लिए अक्तूबर तक की डेडलाइन तय की गई है, ताकि दिसंबर से पहले उड़ान शुरू हो जाए। हवाई अड्डे के निर्माण की प्रगति का हाल जानने आए मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद ने अक्टूबर तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के सचिव के निर्देश के बाद कार्य प्रगति पर था। सैकड़ों मजदूरों को लगाकर काम कराया जा रहा था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद काम बंद होने से मामला खटाई में पड़ गया है। माना जा रहा है कि किसान को मुआवजा नहीं मिला तो मामला लंबा चल सकता है। सूत्रों की मानें तो किसान की तीन बीघा भूमि में ही पार्किंग और टर्मिनस बिल्डिंग का आधा हिस्सा बन चुका है। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस मामले में 20 सितंबर को सुनवाई होनी है। इसके बाद ही आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी।
यह है विवाद
म्योरपुर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से प्रभावित किसान जौहर हुसैन की मानें तो 27 सितंबर 2018 को एसडीएम से हस्ताक्षरित हवाईअड्डे के मुआवजे की सूची में 15वें नंबर पर अंकुर अडूकिया व शशि अडूकिया पत्नी प्रह्लाद का नाम अंकित है। याचिकाकर्ता ने बताया कि उस समय खतौनी में अडूकिया का ही नाम था, इसलिए सूची में उनका नाम डाल दिया गया। उनकी दाखिल खारिज में आपत्ति लगे होने से मुकदमा विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि इसी आराजी में उन्होंने इसी परिवार से जमीन खरीदा था। इस पर 29 सितंबर 2018 को उनका दाखिल खारिज का आदेश हुआ। इस दौरान वह मालिकान तो दर्ज हो गया। बावजूद न जाने किन कारणों से आदेश खतौनी में दर्ज नहीं हो सका। अलबत्ता सभी का नाम खारिज करके भूमि जंगल रखात के खाते में दर्ज कर दी गई। अफसरों की मनमानी पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब कोर्ट ने काम रोक देने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश हुआ है। वह भी 20 सितंबर तक के लिए है। हवाई अड्डे में तीन बीघे भूमि का मामला ही हाईकोर्ट गया है, इसलिए बाकी क्षेत्रफल पर पूर्व की भांति काम कराने को कहा गया है। - रमेश कुमार, एसडीएम दुद्धी।