ओबरा क्षेत्र में सड़क पर महिला का प्रसव करातीं ग्रामीण महिलाएं।
- फोटो : SONBHADRA
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण सोमवार को चोपन ब्लॉक के फफराकुंड में ग्रामीण महिलाओं को सड़क पर ही एक गर्भवती महिला का प्रसव करना पड़ा। सूचना देने के घंटों बाद भी एंबुलेंस मरीज को लेने नहीं पहुंची। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पनारी की रहने वाली गीता पत्नी वीरेंद्र कुमार गोंड को सोमवार को दिन में करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंची। परिजन वैकल्पिक व्यवस्था कर महिला को ओबरा परियोजना चिकित्सालय के लिए लेकर निकले। इसी बीच रास्ते में ही प्रसव पीड़ा बढ़ने पर ग्रामीण महिलाओं के सहयोग से सड़क पर ही प्रसव कराना पड़ा। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
पनारी ग्राम सभा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लक्ष्मण यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रसूता महिला के पेट में तेज दर्द होने के बाद परिजन लगातार एंबुलेंस के लिए फोन करते रहे लेकिन रास्ता खराब होने का बहाना कर एंबुलेंसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। थक हारकर परिजन महिला को ओबरा लेकर जाने लगे। इसी दौरान फफराकुंड गांव के पास महिला को तेज दर्द होने पर आसपास की महिलाओं की मदद से सड़क के किनारे सुरक्षित डिलेवरी कराकर राहत पहुंचाई गई। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कभी भी क्षेत्र में नहीं आती है। इस क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया कि लाख प्रयास के बावजूद सरकारी स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं इन क्षेत्रों में कहीं दिखाई नहीं देती है। इससे गरीब आदिवासी क्षेत्र के लोग झोलाछाप की दवा पर ही निर्भर हो गए हैं।