मृतक रामकिशुन के बड़े भाई शिवनाथ पनिका की पत्नी सुंदरी और बहू बसंती का आरोप है कि दोनों भाइयों के बीच बंटवारे के बाद सड़क के सामने की जमीन का हिस्सा हीर कुंवर के नाम गलत तरीके से बैनामा कर दिया गया। यह जमीन कीमती है, मगर सस्ते दामों में इसे खरीदा गया है। उनका कहना है कि हीर कुंवर ने मुस्लिम धर्म के व्यक्ति से विवाह किया है। बावजूद अनुसूचित जनजाति के दर्जे के साथ जमीन की रजिस्ट्री कराई है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी अनियमितता का दावा करते हुए बसंती का आरोप है कि उनके ससुर को जबरन घघरी ले जाया गया और वहीं से दो गवाह तैयार कर करीब दो वर्ष पहले बैनामा कराया गया। परिजनों ने बैनामे में दर्ज गवाहों के दूसरे स्थान का होने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर रजिस्ट्री की वैधता का सत्यापन कराने की मांग की है। एसडीएम दुद्धी अशोक गुप्ता ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।