सोनभद्र। नगर पालिका सोनभद्र अब आदर्श नगर निकाय होगा। शासन ने वर्ष 2023-24 के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर योजना के तहत सोनभद्र नगर पालिका का चयन किया है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश से कुल छह निकायों का चयन हुआ है, जिसमें पूर्वांचल से सिर्फ एक निकाय के रूप में सोनभद्र शामिल है। योजना में चयन के बाद नगर में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।
नगरीय क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए शासन की ओर से प्रति वर्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर का चयन किया जाता है। चयनित निकाय को आबादी के अनुसार बेहतर सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त धन दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए शासन ने प्रदेश की छह निकायों का आदर्श नगर योजना के तहत चयन किया है। इसमें चार नगर पंचायत और दो नगर पालिका हैं। चयनित निकायों में गोरखपुर की उरुवां बाजार नगर पंचायत, मैनपुरी की कुसमरा, मुरादाबाद की महमूदपुर माफी, कौशांबी का नगर पंचायत चरवां के अलावा संभल जिले का नगर पालिका परिषद बहजोई और सोनभद्र का नगर पालिका सोनभद्र शामिल हैं। इन निकायों को विकास के लिए दो किश्तों में धनराशि दी जाएगी। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका क्षेत्र में बुनियादी विकास के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब आदर्श नगर पालिका में चयन के बाद सोनभद्र में विकास को रफ्तार मिलने के साथ बुनियादी सुविधाओं की बेहतरी की उम्मीद जगी है।
चेयरमैन का प्रयास रंग लाया
देश के आकांक्षी जिलों में शामिल सोनभद्र के जिला मुख्यालय की नगर पालिका होने के बावजूद यहां का समुचित विकास नहीं हो पाया है। सड़क, नाली, पेयजल, पथ प्रकाश, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है। चेयरमैन बनने के बाद रूबी प्रसाद लगातार इसके लिए प्रयासरत रही हैं। मजबूत पैरवी के दम पर नगर पालिका को आदर्श निकाय के रूप में चयन कराने में उन्हें सफलता मिली है।
पूरे प्रदेश से सिर्फ छह निकायों में सोनभद्र चुना गया है। नगर के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।आदर्श नगर के रूप में चयनित हाेने से नगर के विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि मिलेगी। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। -रुबी प्रसाद, नगर पालिका अध्यक्ष।