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पूर्वांचल में पर्यटकों का नया ठिकाना बनेगा सोनांचल

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दुद्धी ब्लाक क्षेत्र के जोरकहू पिकनिक स्पॉट । - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। सोनांचल की वादियां पूर्वांचल में पर्यटकों का नया ठिकाना बनने लगी है। प्रकृति के अप्रतिम सौंदर्य को निहारने पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं तो चंद्रकांता के तिलिस्मी किस्सों को भी जानने की उनमें बेताबी है। पर्यटकों के रूझान को देखते हुए जिला प्रशासन भी पर्यटकीय सुविधाओं के विकास में जुटा हुआ है। देश-दुनिया से बनारस घूमने वाले पर्यटकों को अब सोनभद्र लाने की योजना पर काम चल रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ जुटेगी।
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घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच कल-कल करती नदियां किसी को भी मोहपाश में जकड़ने को काफी है। सोनांचल के पर्यटन की यही खूबी भी है, जिस कारण एक बार यहां आने के बाद अपने मानस पटल से लोग इसे भूला नहीं सकते। हालांकि वन विभाग के कड़े नियमों के चलते यह क्षेत्र पर्यटन विकास से दूर रहा है। अब सरकार ने पर्यटन के नक्शे पर सोनभद्र को नई पहचान देने की पहल की है। इसके तहत यहां के पर्यटन स्थलों को नए रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। पिछले दिनों जिले में भ्रमण पर आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए थे। इसके बाद से पर्यटकीय सुविधाओं के विकास की रूपरेखा बनाने में अफसर जुटे हैं। बेलन नदी पर निर्मित मुक्खा फाल तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा कनहर के किनारे पर स्थित अबाड़ी और जोरकहू पिकनिक स्पाट को मिनी गोवा के रूप में विकसित करने की तैयारी है। चंद्रकांता के विजयगढ़ किले व इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए चंद्रकांता सर्किट पर काम चल रहा है। दूसरी ओर रेणुकूट में डोंगिया जलाशय को साडा के माध्यम से विकसित करने का खाका तैयार हो चुका है।
सलखन में स्थित दुनिया के सबसे पुराने जीवाश्म पार्क और महुअरिया की ब्लैक बक घाटी का स्वरूप जल्द ही बदला नजर आएगा। कैमूर वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाले इन पर्यटन स्थलों को प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट-वन डेस्टिनेशन योजना के तहत चुना गया है। वन विभाग के माध्यम से यहां पर्यटकों की सुविधा के कार्य कराए जाएंगे। सलखन में पर्यटकों के लिए इंटरप्रेटेशन सेंटर बनाया जाना है, जबकि महुअरिया में जंगल सफारी शुरू करने पर काम चल रहा है। संरक्षित वन क्षेत्र होने के कारण इनके मूल स्वरूप में छेड़छाड़ किए बिना ही सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। कैमूर वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष जायसवाल की मानें तो ओडीओडी के तहत दोनों पर्यटन स्थलों को शामिल करते हुए पर्यटकों के लिए एक दिन का टूर प्लान बनाया जा रहा है। इसकी विस्तृत योजना जल्द ही लागू की जाएगी।
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पर्यटन अधिकारी बृजेश कुमार का कहना है कि सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन के साथ मिलकर योजना तैयार की जा रही है। कई प्रस्ताव शासन में भेजे भी गए हैं। वहां से मंजूरी मिलते ही उस पर काम शुरू कराया जाएगा। कोशिश है कि वाराणसी आने वाले पर्यटक यहां तक भी आएं। इसके लिए पिछले दिनों टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के साथ बैठक भी की जा चुकी है।
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