साढ़े 10 साल पहले एक साल के अबोध बच्चे की फावड़े से काटकर की गई नृशंस हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत ने दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के लीलासी गांव की सविता देवी पत्नी जगजीवन गोड़ ने 24 दिसंबर 2011 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसका एक वर्षीय बालक आंगन में खेल रहा था। तभी उसके पति जगजीवन गोड़ ने बच्चे को फावड़े से काट दिया। इस तहरीर पर जगजीवन गोड़ के विरुद्ध हत्या में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर जगजीवन गोड़ को उम्रकैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने की।