सोन लिफ्ट कैनाल शाहगंज राजवाहा नहर।
सोन पंप कैनाल के दूसरे चरण में छह पंप और लगाने के लिए शासन से 122 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कार्य पूरा होते ही सोन पंप कैनाल की क्षमता तीन सौ से बढ़कर छह सौ क्यूसेक (क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड) हो जाएगी। इससे किसानों के पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
सोन नदी से पानी उठाकर सोन पंप के चार स्टेजों के जरिए घाघर मुख्य नहर और शाहगंज राजवाहा में पानी छोड़ा जाता है। इससे सिद्धी, नई बाजार, अमोखर, कुसी, मेहुड़ी, मानपुर, बरकरा, कैथी, देवरी, पवर समेत करीब 70 गांवों को पानी मिलता है। इसमें मिर्जापुर जिले के भी कई गांव शामिल हैं। महज छह पंप होने से किसानों को समुचित राहत नहीं मिल पा रही थी। 12 पंप हो जाने के बाद सोनभद्र-मिर्जापुर दोनों जिलों के बड़े हिस्से को सिंचाई के लिए आसानी से पानी उपलब्ध हो सकेगा।
1991 से ही सोन पंप कैनाल के उच्चीकरण की मांग उठ रही थी। इसको लेकर वर्ष 2012 में सपा की सरकार बनी तो शासन से पत्राचार शुरू हुआ। सीएम के निर्देश पर पहल आगे बढ़ी और वर्ष 2014 में प्रस्ताव मंजूर होने के बाद बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई। अब जाकर 122 करोड़ जारी भी कर दिए गए।
डीएम सीबी सिंह ने बताया कि सोन पंप कैनाल मेें छह और पंप लगाने के लिए 122 करोड़ का बजट आवंटित हो गया है। इसको देखते हुए सोन पंप कैनाल डिविजन को जल्द कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। पंप कैनाल के उच्चीकरण के बाद 22 हजार हेक्टेअर अतिरिक्त कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। अभी करीब 21 से 22 हजार हेक्टेअर के करीब भूमि सिंचित हो रही है।