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Sonebhadra News: कहीं श्रीराम मंदिर जैसा पंडाल तो कहीं अक्षरधाम की सजी झांकी

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सोनभद्र। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन मां दुर्गा के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। देश के प्रमुख मंदिरों के रूप में सजे पंडालों में विराजमान महिषासुर मर्दिनी की नयनाभिराम झांकी देख भक्त निहाल हो गए। दर्शन-पूजन और आरती कर मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान विविध अनुष्ठान भी हुए। नौ कन्याओं का पूजन कर प्रसाद वितरित किया गया। भजन संध्या और अन्य कार्यक्रम हुए।
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जिले में 342 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। कहीं अयोध्या के श्रीराम मंदिर सरीखा पंडाल बना है तो कहीं दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और कोलकाता के इस्कान मंदिर का स्वरूप दिया गया है। रॉबर्ट्सगंज नगर में महाकाल मंदिर के रूप में पंडाल सजे हैं। इन पंडालों में नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इसके बाद से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लग रहा है। शुक्रवार को अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ होने के कारण सड़कों पर भक्तों का रेला था। नगर के बढ़ौली चौक से मेन चौक होते हुए उत्तर मोहाल को जाने वाली सड़क पर पैर रखने की जगह नहीं थी। इस मार्ग पर एक किमी के दायरे में दस स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। श्रद्धालुओं की टोली कतारबद्ध होकर पंडालों में मां के दर्शन करती रही। बांग्ला शैली में निर्मित प्रतिमाओं में देवासुर संग्राम को आकर्षक ढंग से दर्शाया गया है। रेणुकूट के मिताली क्लब में बंगाल से आए कारीगरों की ओर से अक्षरधाम मंदिर की तरह सजाए गए पंडाल में विराजमान मां की दिव्य प्रतिमा भक्तों काे निहाल करती रही। दुद्धी नगर में मंदिरों को ही पंडाल का रूप दिया गया है। रंग-बिरंगे झालरों की सजावट के बीच मनोहारी दृश्य देखने भक्त देर रात तक जमे रहे। ओबरा, चोपन, अनपरा, शक्तिनगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के साथ पंडालों को निहारने भक्तों की भीड़ जमी रही।
हवन-पूजन के साथ हुआ भंडारा
सोनभद्र। देवी मंदिरों में शुक्रवार को मां दुर्गा के आठवें और नौवें स्वरूप की पूजा हुई। सुबह भक्तों ने देवी महागौरी की आराधना की तो दोपहर बाद मां दुर्गा के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। दुर्गा सप्तशती और चालीसा पाठ के बाद भक्तों ने हवन-पूजन कर मां की आरती उतारी। जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन हुआ। नगर के मेन बाजार में मां आदिशक्ति दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में नवमी पर कन्या पूजन किया गया। पूर्व चेयरमैन विजय जैन के नेतृत्व में कन्याओं को भोजन कराकर आशीर्वाद लिया गया। यहां भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद लिया। डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में कुंवारी कन्याओं को भोजन कराकर भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। हवन कुंड में आहुति देने के लिए भीड़ लगी रही। मां अमिला धाम, कुंडवासिनी देवी, शीतला माता मंदिर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में भी पूरे दिन दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा।
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कन्या पूजन के साथ दिया गया भोज

शक्तिनगर। क्षेत्र भर में नवरात्र की नवमी तिथि पर शुक्रवार को कन्या पूजन हुए। कन्याओं को भोज के साथ उपहार भी दिए गए। पूजा पंडालों में हवन व अनुष्ठान किए गए। ज्वालामुखी मंदिर पर श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया।
बीना क्षेत्र के चंदुआर मोहन ब्रह्म बाबा मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को आचार्य पं. गीता प्रसाद दुबे के संयोजन में यजमान दिनेश दुबे ने हवन आरती कर कन्याओं को भोज कराया। इस दौरान नव युवक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष नीरज दुबे, सचिव शुभम दुबे, कोषाध्यक्ष सुनील दुबे, बृजबिहारी दुबे आदि मौजूद रहे। बीना एवं कृष्णशिला कोयला क्षेत्र में भी दुर्गा पूजा की पूर्णाहुति के बाद कन्याओं को भोज कराया गया।
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