सोनभद्र। शासन की तरफ से सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार रोकने और समय से काम के निपटारे के लिए सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। बावजूद इस व्यवस्था का ऑनलाइन मामलों के निस्तारण पर खास असर नहीं पड़ा है। तय समय सीमा बीतने के बाद भी आवेदन का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कहीं आय, जाति तो कहीं जन्म प्रमाणपत्र के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो कहीं अन्य जरूरतों के लिए लोग भटक रहे हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता और मनमानी से योजनाओं का लाभ लोगों को समय अंतर्गत नहीं मिल पा रहा है। ऐसे ही कुछ मामले जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं...
सदर ब्लॉक के बेठिगांव निस्फ के रहने वाले मुन्ना तिवारी का कहना है कि गांव में पिछले माह डीएम की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। डीएम के साथ एडीएम और एसडीएम सदर भी इस समाधान दिवस में उपस्थित थे। उन्हें प्रार्थना पत्र देकर रास्ते की समस्या सुलझाने की मांग की गई थी। एक सप्ताह में मामले का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया गया था। एक माह बीतने को है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जबकि इससे इतर भी वे अधिकारियों से मिल चुके हैं।
नगवां ब्लॉक में संचालित एक कॉलेज में इंटर के छात्र पंकज कुमार पुत्र पन्नालाल के मुताबिक उसे छात्रवृत्ति फार्म भरना है। पिता का आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए करीब दो माह पहले आवेदन किए हैं, लेकिन अब तक आय प्रमाण् पत्र नहीं बन सका है। अब भी उसका आवेदन लंबित है। आय प्रमाणपत्र नहीं बनने से वह छात्रवृत्ति फार्म नहीं भर पा रहा है, जबकि आय प्रमाणपत्र दस से पंद्रह दिनों में बन जाना चाहिए।
नगवां ब्लॉक के सेमरिया गांव की रहने वाली निराश्रित महिला परमशीला (विधवा) पेंशन के लिए अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर काट रही है। महिला के मुताबिक उसके पति लालब्रत का निधन 12 वर्ष पहले हो गया है। वह लंबे समय से निराश्रित पेंशन के लिए आवेदन कर रही है। मगर अब तक उसका पेंशन नहीं बना है और न ही कोई यथोचित कारण ही बताया जा रहा। इससे वृद्धा परेशान हैं।
दुद्धी ब्लॉक के धनौरा गांव में सेकेट्री का पद खाली है। इसी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया हैं। आठ सितंबर को आवेदन किए थे, लेकिन अब तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन सका है। जन्म प्रमाणपत्र के लिए 15 दिन का समय है। बीडीओ उमेश सिंह का कहना है कि डीएम की अध्यक्षता में बिठगांव निस्फ गांव में आयोजित ग्राम पंचायत समाधान दिवस में कुल 46 मामले आए थे। इसमें अधिकांश मामलों का समाधान करा दिया गया है। सड़क मरम्मत व कच्चा काम बजट के अभाव में नहीं हो सके हैं। व्यवस्था होने पर उसका भी निस्तारण हो जाएगा। सीडीओ सौरभ गंगवार का कहना है किसभी अधिकारियों को जनसमस्याओं से संबंधित मामलों का निस्तारण समय अंतर्गत कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी नियमित समीक्षा भी होती रहती है। जो मामले लंबित होंगे, उसका भी समाधान करा दिया जाएगा।