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सामाजिक न्याय मोर्चा ने फूंका सीएम का पुतला

Sun, 18 Oct 2015 10:32 PM IST
संवाददाता, साोनभ्ाद्र
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भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सदर तहसील परिसर में प्रदेश के मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
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आरोप लगाया कि श्रमिकों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक केस दर्ज नहीं किया गया। पुतला फूंकने की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन तब तक पुतला पूरी तरह से जल चुका था। यह देख पुलिस लौट गई।

ओबरा के प्रतिबंधित रासपहरी इलाके में विस्फोट में मारे गए श्रमिकों के मामले में शनिवार को विभिन्न संगठनों ने तहसील परिसर में धरना दिया था। रविवार को पुतला फूंकने के बाद न्याय मोर्चा कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए चौधरी यशवंत सिंह ने कहा कि अत्यधिक लाभ के लिए अधिकारियों ने जिले को ज्वालामुखी के निशाने पर रख दिया है।
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जो क्षेत्र प्रतिबंधित है वहां एमएम इलेवेन कैसे जारी होता है और उस इलाके में बड़े पैमाने पर विस्फोटकों का जखीरा कहां से पहुंचा, इसके लिए अधिकारी पूर्णतया जिम्मेदार हैं। कहा कि अवैध खनन संचालकों के साथ ही संबंधित अधिकारियों पर भी केस दर्ज होना चाहिए।

चौधरी ने कहा कि दादरी के बिसहड़ा  पीड़ितों को 45 लाख रुपये सहायता राशि दी जा सकती है तो ऐसे में निर्दोष बेसहारा मजदूरों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाना मजाक है।

कहा कि यदि मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा नहीं दिया गया तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। मोर्चा के संरक्षक पं. रामकृष्ण पाठक ने कहा कि मृतकों के परिजन तिलमिलाए हुए हैं।

पुतला फूंकने वालों में फतेह मोहम्मद, सुगवंती चेरो, निर्मला मिश्रा, सेराज खां, श्रवण पासवान, पन्नालाल, दीप नारायण, राकेश पाठक, बच्चा शुक्ला, मेघनाथ कन्नौजिया, अरविंद, चंदन, सुभाष, गोपाल गुजर, महेंद्र भारती, बालेश्वर अगरिया, रामसागर खरवार, मंजू सोनी आदि रहीं।
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उधर जिला खनन अधिकारी पीके सिंह और वरिष्ठ सर्वेक्षक रामनाथ यादव का कहना है कि सामाजिक न्याय मोर्चा के पदाधिकारी विभाग से अनिमित्त मांग कर रहे हैं, जिससे राजस्व की क्षति होगी। यह मांग पूरी न करने पर मोर्चा के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
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