फेमिली आईडी बनाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से विभागवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसी विभाग को सप्ताह में 300 तो किसी को 500 फेमिली आईडी बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
सीडीओ ने विभागों को पत्र जारी करते हुए लक्ष्य के अनुसार फेमिली आईडी बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसकी रिपोर्ट भी प्रत्येक सोमवार को कार्यालय में देनी जरूरी है। इसमें रुचि नहीं लेने वाले अधिकारियों पर सख्ती की जाएगी।
शासन की तरफ से अध्यासित परिवारों के लिए फेमिली आईडी एक परिवार-एक पहचान योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत ऐसे परिवार जो राशन कार्ड के पात्र नहीं है, उन्हे पोर्टल के माध्यम से फेमिली आईडी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फेमिली आईडी में सहूलियत होगी। जिले में फेमिली आईडी बनाने की प्रगति काफी धीमी है। 24 अगस्त तक मात्र 1506 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 94 आवेदन लंबित हैं।
सीडीओ सौरभ गंगवार ने जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को 500-500 तथा जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रत्येक सप्ताह 300-300 फेमिली आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इन विभागों को प्रत्येक सप्ताह 2400 फेमिली आईडी बनाना है। सीडीओ ने प्रत्येक सोमवार को प्रगति रिपोर्ट कार्यालय अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराते हुए अपने कार्यालय में भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।