पावर प्रोजेक्ट के विस्तार में बाधक बनने वाले अतिक्रमण पर कार्रवाई की तैयारी मंगलवार को पूरी कर ली गई। कार्रवाई के लिए पीएसी व पुलिस के साथ अफसरों की मौजूदगी होगी। इसके चलते इलाके में हलचल बढ़ गई है।
शक्तिनगर स्थित पावर प्रोजेक्ट का क्षमता विस्तार होना है। तृतीय चरण विस्तार के तहत आठ-आठ सौ मेगावाट क्षमता की दो सुपर क्रिटिकल यूनिटों को स्थापित किया जाना है। इसी के दृष्टिगत पावर प्रोजेक्ट की भूमि पर दशकों से काबिज लोगों को हटाया जा रहा है।
इसके पहले हुई कार्रवाई में भवानी नगर व ज्वालामुखी काॅलोनी के सैकड़ों लोगों को हटाया जा चुका है। बुधवार को ज्वालामुखी कालोनी के शेष लोगों के साथ इस परिसर से लगे निर्माण को ध्वस्त करने की योजना बनाई गई है।
पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों की मांग पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की टीम बना कर मंगलवार को कार्रवाई का दिन तय कर दिया। शक्तिनगर पुलिस और पावर प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर एक बैठक भी की।
इस दौरान प्रभावित परिवारों को चेतावनी दी गई कि समय पूर्व निर्माण खुद हटा लें। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान दो सीओ, तीन इंस्पेक्टर, मजिस्ट्रेट, दो प्लाटून पीएसी, पुलिसकर्मियों सहित करीब डेढ़ सौ लोग तैनात किए गए हैं।