चोपन थाना क्षेत्र के बालू साइटों पर सदर एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने सोमवार को फोर्स के साथ छापेमारी कर बालू लोडिंग बंद करा दिया। ट्रकों को खाली वापस भेज दिया गया। जिला प्रशासन के कड़े रुख से बालू के ठेकेदारों में खलबली मच गई।
एसडीएम और सर्वेयर संतोष पाल ने सुबह 11 बजे फोर्स के साथ बरगवा, कोटा समेत अन्य बालू साइटों पर छापेमारी शुरू की। अधिकारियों और फोर्स को देखकर खननकर्ताओं में अफरातफरी मच गई। एसडीएम ने खननकर्ताओं को अगले आदेश तक खनन कार्य न करने की हिदायत दी। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने खनन के लिए मिला लाइसेंस दिखाया, लेकिन एसडीएम ने उनकी एक न सुनी। पुलिस ने बालू लोड करने के लिए खड़े सभी ट्रकों को हटवाना शुरू किया। इस कारण तीन से चार सौ ट्रक बिना बालू लोड किए ही वापस चले गए।
जिले में बालू खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसपी लल्लन सिंह ने सीओ सिटी, ओबरा और दुद्घी सीओ के नेतृत्व में टीमें बनाई हैं। एसपी ने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में बालू खनन हुआ, वहां के थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में सभी बालू साइटों को बंद कराया गया हैै। बालू खनन न हो, इसकी जिम्मेदारी खान अधिकारी, राबर्ट्सगंज, दुद्घी एवं घोरावल के एसडीएम और तहसीलदार को दी गई है। चोरी से खनन मिलने पर केस दर्ज कर रिकवरी की जाएगी। - सीबी सिंह, जिलाधिकारी, सोनभद्र।