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Sonebhadra News: साहब, मेडिकल कॉलेज में जेबकतरे सक्रिय, इलाज कराने पहुंचने वालों की आए दिन कट रही जेब

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कलेक्ट्रेट सभागार में एसडीएम को ज्ञापन सौपते उद्योग व्यापार प्रतिनि​धि मंडल के पदा​धिकारी। स्रो
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सोनभद्र। कलेक्ट्रेट में सोमवार को एडीएम न्यायिक रमेशचंद्र की अध्यक्षता में हुई उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारिक हितों के साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था के भी बेहतर प्रबंधन की आवाज उठाई गई। मेडिकल कॉलेज में जब-तब बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति से निजात दिलाने के साथ ही जेबकतरों की सक्रियता से आए दिन कट रही गरीबों की जेब का मुद्दा उठाया गया। उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा की अगुवाई में एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से ब्लॉक ए में संचालित अल्ट्रासाउंड कक्ष में मरीजों को एक से डेढ़ महीने की प्रतीक्षा सूची मिल रही है। तीन मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में एक का ही संचालन हो रहा है। इससे एक दिन में अधिकतम 40 की ही जांच हो पा रही है। गत 25 सितंबर को आंधी बारिश के समय मेडिकल कॉलेज की लगभग 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके चलते वार्ड में भर्ती सभी मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। जनरेटर-इन्वर्टर की भी व्यवस्था घंटों बिजली गुल रहने के कारण बेकार साबित हुई। मांग की गई कि मेडिकल कॉलेज को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए डेडीकेटेड फीडर (मेडिकल कॉलेज के विशेष फीडर), डीजी बैकअप (वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था) और ऑटोमेटिक चेंजओवर (बिजली कटते ही खुद ब खुद वैकल्पिक आपूर्ति का बहाल हो जाना) की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की जाए। बैठक में रॉबर्ट्सगंज शहर स्थित जिला अस्पताल के पुराने भवन में भी 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसे चिकित्सा विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। इसे दुरुस्त करने के लिए एनसीएल ने भी सीएसआर मद से सहमति दे दी है। इसलिए भवन का मरम्मत कार्य जल्द पूर्ण करते हुए प्रसव केंद्र के साथ 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था बहाल कराई जाए।बैठक के दौरान व्यापारी बंधुओं ने रोजगार के सीमित अवसर को देखते हुए एक्शन रोड मैप की जरूरत जताई। ज्ञापन के जरिये पहले चरण में 1000 रोजगार सृजित किए जाए जाने का लक्ष्य तय करने, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों, अस्पतालों, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल एवं कंप्यूटर, निर्माण सामग्री, सर्विस सेंटर, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सहित अन्य सेवाओं को रोजगार का बेहतर माध्यम होने का दावा किया गया। वाणिज्य कर अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि जीएसटी अधिनियम की धारा 75(4) का सही तरीके से अनुपालन कराया जाए। इस पर आयुक्त राज्यकर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इसका कड़ाई से अनुपालन किया जाए। संचालन कर रहे उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने भरोसा दिया कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, विवेक कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नरेंद्र कुमार गर्ग, विमल अग्रवाल, नवल बाजपेई, चंदन केसरी, प्रमोद गुप्ता, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम सहित अन्य की मौजूदगी बनी रही।
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