सामूहिक विवाह के करीब 509 जोड़ों को अभी तक चांदी का पायल-बिछिया समेत अन्य सामान नहीं मिल सका है। फर्म की गड़बड़ी से सामूहिक विवाह के दौरान स्टील (गिलट) का पायल और बिछिया लाभार्थियों को मिल गया था।
गड़बड़ी सामने आने के बाद इन लाभार्थियों में चांदी का पायल-बिछिया देने की बात कहीं गई थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। इस पर सामूहिक विवाह के लिए आया करीब 50 लाख रुपये मार्च माह में सरेंडर करना पड़ा। बीते 30 जनवरी को चतरा, नगवां और घोरावल में ब्लॉक स्तरीय सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। घोरावल में सामूहिक विवाह के दौरान वर-वधू के घरवालों ने स्टील का पायल-बिछिया दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
यह मामला उजागर होने पर पायल-बिछिया दंपती को दिए जाने पर रोक लगा दिया दी गई थी। इसके बाद करमा, बभनी, चोपन ब्लॉक समेत अन्य ब्लॉकों में शादी हुई तो पायल-बिछिया नहीं दिया गदी गई थी। इसके साथ ही दिल्ली की फर्म के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
फिर दोबारा टेंडर कराकर दूसरे फर्म के जरिए सामूहिक विवाह के लाभार्थियों में सामानों की आपूर्ति की गई। मगर, अभी तक 509 ऐसे लाभार्थियों को चांदी का पायल व बिछिया नहीं दी जा सकी है। दो माह बाद भी सामान नहीं मिलने से सामूहिक विवाह के लाभार्थियों में रोष है और वह विभाग का चक्कर लगाने को विवश हैं। लाभार्थी जल्द से जल्द सामानों की आपूर्ति किए जाने की मांग कर रहे हैं।