राबट्सगंज स्थित संकट हरण श्री सिद्ध मंदिर में बृहस्पतिवार को हवन व भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ का समापन हो गया। भंडारे में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने। इसके पूर्व कथा वाचक बाल व्यास मुरारी शास्त्री वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मुख्य यजमान छेदीलाल मोदनवाल और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से हवन पूजन किया। यज्ञ में आए लोगों ने आहुति डालकर सुख, समृद्धि व शांति की कामना की।
कथा वाचक मुरारी ने कहा कि किसी भी यज्ञ के होने से मानव में आई विकृतियां अपने आप दूर हो जाती हैं। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के माध्यम से समाज में एकजुटता आती है। हवन करने से देवता प्रसन्न होकर मानव का कल्याण करते हैं। कहा कि माया ही संसार की रचना करती है व व्यक्ति को उसके श्रोत अर्थात ब्रह्म के प्रति अज्ञानी बना देती है। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी अपने मूल आदर्शों को भूल गई है। इस मौके पर रामजी मोदनवाल, शानू आदि मौजूद रहे।