घोरावल। नगर के शिव मंदिर धर्मशाला में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत प्रेम भक्ति ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन बृहस्पतिवार की शाम को ब्रजरस दास जी ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। इसका महत्व बताया। श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बना देती है।
इससे पहले व्यास पीठ की पूजा और आरती हुई। इसके बाद वृंदावन से आए ब्रजरस दास जी महाराज ने प्रभु की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि यह महाग्रंथ जीवात्मा को सद्मार्ग पर ले जाता है। राजा परीक्षित को मिला श्राप श्रीमद्भागवत में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का संगम है। उन्होंने गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाई। बताया कि भागवत कथा सुनने से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली। उसके कुल वंश का भी कल्याण हुआ। श्रीमद्भागवत कथा सुनने वाले और सुनाने वाले दोनों ही पुण्य के भागी होते हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, व्यापार मंडल अध्यक्ष दयाशंकर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार, रमेश पांडेय, उदितलाल अग्रहरि आदि मौजूद रहे।