जिले के परिषदीय स्कूलों में बेहतर पठन-पाठन के उद्देश्य से हर माह अलग-अलग 30 गांवों में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया जाएगा। चौपाल में बीईओ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जिले में 2061 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इसमें करीब 2.28 लाख छात्र पंजीकृत हैं। स्कूलों में बच्चों को निपुण बनाने के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। इससे इतर पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के लिए मिशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डीबीटी, सहित अन्य योजनाएं संचालित हैं। कई तरह के नवाचार कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
विभिन्न कार्यक्रमों में जनसमुदाय की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए शासन के निर्देश पर जिले के विभिन्न गांवों में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया जाएगा। क्रमबद्ध तरीके से शिक्षा की चौपाल प्रत्येक गांव में लगेगी। इसकी अध्यक्षता बीईओ करेंगे। जिले में कुल दस विकास खंडों में तैनात बीईओ को हर माह अपने-अपने क्षेत्र के तीन गांवों में सार्वजनिक स्थान पर शिक्षा चौपाल लगानी होगी।
इस तरह जिले मेंं हर माह 30 चौपाल लगेगी। इसमें अभिभावकों, स्थानीय प्रतिनिधियों, संभ्रांत लोगों, प्रशासनिक अधिकारी को आमंत्रित किया जाएगा। विभिन्न बिंदुओं पर एक घंटे की चौपाल लगेगी। इस चौपाल में डीबीटी के पैसे के सदुपयोग, बच्चों के शिक्षा पर जोर सहित अन्य बिंदु होंगे।
शिक्षा चौपाल में गांवों का चयन कर बीईओ संबंधित क्षेेत्र के शिक्षक और एआरपी को देंगे। जिसके बाद तैयारी होगी। इस दौरान अभिभावकों से विभिन्न बिंदुओं पर संवाद होगा। जरूरी जानकारी भी साझा की जाएगी।
शिक्षा चौपाल के संबंध में शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं। सभी बीईओ को सफल आयोजन के लिए निर्देशित कर दिया गया है। इसकी निगरानी भी की जाएगी। -नवीन कुमार पाठक, बीईओ।