जबलपुर से चोपन होते हुए हावड़ा जा रही शक्तिपुंज एक्सप्रेस के पीछे की दो बोगियां करैला रोड रेलवे स्टेशन के पास जंगल में बेपटरी हो गई। धीमी गति होने से जहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वहीं आसपास की जमीन भी काफी हद तक समतल होने से बोगियां पलटने से बच गईं। चोपन से पहुंचे राहत दल ने दोनों बोगियों को अलग कर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया। इसके चलते तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
सुबह सात बजे के करीब चोपन से रवाना हुई शक्तिपुंज एक्सप्रेस रेणुकूट, मिर्चाधुरी होते हुए जैसे ही करैला रोड रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, घुमावदार मोड़ पर पीछे वाली दो बोगियां बेपटरी हो गईं। गति धीमी होने तथा समय से गार्ड की नजर पड़ जाने से ट्रेन रोक ली गई। इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। जैसे ही इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को मिली, हड़कंप मच गया। दुर्घटना राहत दल के साथ सेक्शन इंजीनियरों की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। करीब साढ़े बारह बजे बेपटरी हुई बोगियों को अलग कर शक्तिपुंज को हावड़ा के लिए रवाना कर दिया।
प्रथमदृष्टया घटना का कारण बारिश और घुमावदार मोड़ को बताया जा रहा है। कहीं किसी की लापरवाही तो नहीं, इसको लेकर हाजीपुर जीएम की ओर से डीटीएम के जरिए जांच आख्या भी तलब कर ली गई है। उधर, डीटीएम विश्वरंजन ने भी घटना की पुष्टि की। कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। गति धीमी थी, इस कारण कोई हादसा नहीं हुआ। बता दें कि चार माह के भीतर ऊर्जांचल में ट्रेन के पटरी से उतरने की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले अनपरा-कृष्णशिला के बीच कहुआनाला में त्रिवेणी एक्सप्रेस और अनपरा में भयंकर पुलिया के पास 16 घंटे के भीतर दो मालगाड़ियां बेपटरी हो गई थीं।