सोनभद्र। जिले की औद्योगिक क्षेत्र की नवसृजित नगर पंचायत अनपरा के साथ ही ओबरा नगर पंचायत में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। दोनों निकायों में प्लांट लगाने के लिए जमीन तय कर ली गई है। अब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद एसटीपी का निर्माण शुरू होगा। दोनों निकायों में अभी तक घरों से निकलने वाला गंदा पानी नाली एवं नालों के जरिए नदी एवं नालों में गिरता था। लेकिन अब एसटीपी के जरिए इन्हें साफ करते हुए नदी, नालों में गिराने की योजना बनी है। सबसे पहले नगर पालिका परिषद सोनभद्र में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए जमीन तलाशी गई। यहां सदर ब्लॉक के कुसुम्हा गांव में हाल ही में एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। अब नगर पंचायत ओबरा में छठ घाट के पास एक हेक्टेयर वन भूमि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए देखी गई है। जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह नगर पंचायत अनपरा में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए गटबंधा में एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित हुई है। उक्त जमीन रिहंद जलाशय की बताई जा रही है। यहां भी जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संबंधित निकायों के अधिकारियों का कहना है कि जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शीघ्र ही पूरा करते हुए प्लांट की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बन जाने के बाद नगर से निकलने वाले गंदे पानी को शुद्ध करते हुए नदी-नालों में गिराया जाएगा। ओबरा नगर पंचायत के प्रभारी अधिशासी अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि नगर पंचायत में एसटीपी लगाने के लिए छठ घाट के पास वन भूमि की एक हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। जमीन के नामांतरण करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद प्लांट लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
आशीष यादव, अवर अभियंता नगरीय जल निगम ने बताया कि फेज वन के तहत सोनभद्र, ओबरा और अनपरा निकाय में एसटीपी बनाया जाना है। यहां सर्वे कर जमीन चयन की प्रक्रिया चल रही है। जमीन नामांतरण करते हुए डीपीआर बनाया जाएगा। एसटीपी लगने से तीनों निकाय में गंदे पानी को शुद्ध करके उपयोग में लाया जा सकेगा।