उप्र राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य लालता प्रसाद बियार ने शुक्रवार को बीना स्थित गेस्ट हाउस में विस्थापन के मसले पर सुनवाई की। घरसड़ी गांव के पहाड़ी टोले के देवधर, रामरक्षा, कमल, विशुन सहित 14 परिवार के लोगों का कहना था कि 1975 में डूब से विस्थापन के समय पहाड़ी टोले में बसाया गया था।
अब यहां ओबी डंप के कारण उन पर विस्थापन की तलवार लटकने लगी है। एनसीएल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा।
उधर, शक्तिनगर में पत्रकारों से बातचीत में लालता ने बताया कि विस्थापितों को मुआवजा वितरण में कई खामियां सामने आई हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाएगी।
इम मौके पर तहसीलदार दिनेश मिश्र, नायब तहसीलदार पवन यादव, राजस्व निरीक्षक रामचंद्र, लेखपाल दिनेश तिवारी मौजूद थे।