इसके सदस्य खनिज, परिवहन, पुलिस और जांच टीम में शामिल अन्य अधिकारियों का लोकेशन लेकर व्हाट्सएप पर एक-दूसरे को सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे। इन पासरों से जांच की जानकारी मिलते ही खनिज लदे वाहन हाईवे पर जहां-तहां खड़े कर दिए जाते थे और उनका इशारा मिलने पर उसे सुरक्षित ढंग से आगे ले जाया जाता था।
एएसपी ने बताया कि सदर कोतवाली पुलिस, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की मदद से पासर गिरोह में शामिल गढ़वा (झारखंड) निवासी सौरभ सोनी उर्फ सन्नी उर्फ झारखंडी, चोपन के डाला नई बस्ती निवासी गंगासागर चौधरी, डाला बाड़ी निवासी दीपक सिंह, सदर थाना क्षेत्र के गोराही निवासी आलोक सिंह उर्फ वीरेंद्र चौहान, न्यू कॉलोनी निवासी सोमू उर्फ सोम राज यादव, गोइठरी निवासी आशीष कुमार चौहान, रामपुर बरकोनिया निवासी लउआ अनिल कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उनका संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया।
पुलिस की गिरफ्त में आए ज्यादातर पासरों की उम्र महज 22 से 26 साल के मध्य है। कम उम्र में ही गिरोह से जुड़कर वह इस कार्य में लग गए। इसके बदले उन्हें अच्छी आमदनी होती थी। एएसपी के मुताबिक एक गाड़ी को पार कराने के बदले में डेढ़ से दो हजार रुपये मिलते हैं। बाद में इसे आपस में बांटते हैं। इस आमदनी से ही कुछ ने डंपर, ट्रक भी खरीदा है। एएसपी मुख्यालय कालू सिंह ने कहा कि जांच के बाद सात पासरों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास है। सभी पासरों पर गैंगस्टर और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। उनके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।