घोरावल। प्रदेश की योगी सरकार गांव-गांव में गोशाला खोलकर छुट्टा पशुओं को आश्रय देने में लगी है, लेकिन जिले के केवली मय देवली स्थित गोवंश आश्रय स्थल में पशुुओं की देखभाल में उदासीनता सामने आ रही है। महज कुछ ही महीने में एक दर्जन पशुओं के मरने का मामला सामने आ चुका है। रविवार को बीते दो दिन के भीतर यहां सात मवेशियों की मौत हो गई। पशुओं की देखभाल करने वाले कर्मी ने इसकी पुष्टि भी की, लेकिन पशु पालन विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। वहीं गोशाला से करीब 700 मीटर की दूरी पर केवली नहर के किनारे चार पशुओं के मृत मिलने से यहीं के पशु होने की आशंका जतायी जा रही है। जो पशु मृत मिले हैं उनके कान भी छेदे हुए हैं।
करीब चार माह पहले ही केवली मय देवली में वृहद गो संरक्षण केंद्र खोला गया। 200 की क्षमता वाले इस केंद्र में 159 मवेशी हैं। शनिवार को तीन और रविवार को चार पशुओं की मौत हो गई। दो पशुओं की हालत गंभीर है। यहां देखभाल करने वाले बैजनाथ ने बताया कि दो दिन में सात पशुओं की मौत हुई है। उन्हें पास की नदी में ले जाया गया। जबकि यहां मृत पशुओं को निस्तारित करने के लिए ट्रेंच भी खोदा गया है। अमर उजाला की टीम ने जब रविवार को पड़ताल की तो वहां कुछ दूरी पर नहर के किनारे चार मवेशी मृत पड़े थे। नाम न छापने की शर्त पर वहीं के एक व्यक्ति ने बताया कि गोशाला से ही इन मवेशियों को यहां लाकर फेंका गया है।