सोनभद्र। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज बस स्टैंड में अल्ट्रासाउंड रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वत लेते दबोचे गए गर्भाधान पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) के डेटा एंट्री ऑपरेटर चंचल यादव के सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही सीएमओ डाॅ. पंकज कुमार राय ने अपनी संस्तुति दे दी है। डीएम से मंजूरी मिलते ही सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
मिर्जापुर के पीली कोठी की रहने वाली मीरा शुक्ला (मीरा देवी) ने एंटी करप्शन इकाई मिर्जापुर पहुंचकर शिकायत की थी। उन्होंने मधुपुर में ज्योति अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसकी मंजूरी के लिए चंचल की तरफ से डेढ़ लाख मांगे जा रहे थे। काफी मिन्नत के बाद उसने प्रक्रिया शुरू कने के लिए रिश्वत की पहली किस्त 50 हजार रुपये मांगी।
इस रुपये को एंटी करप्शन टीम ने पीड़ित को उपलब्ध कराने के साथ ही मामले की अपने स्तर से निगरानी की। आरोप सही पाए जाने पर गत 18 मार्च को रुपये के लेन-देन की बात तय हुई। रॉबर्ट्सगंज स्थित रोडवेज बस डिपो में चंचल जैसे ही रिश्वत लेने पहुंचा उसे रंगे हाथ दबोच लिया गया।
पूछताछ के बाद उसी दिन देर शाम टीम की अगुवाई कर रहे निरीक्षक अनिल चौरसिया ने राबटर्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचक ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जरूरी जानकारी लेने के साथ ही सीएमओ से मुलाकात की।
जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उनसे विभागीय संस्तुति हासिल की। सीएमओ डॉ. पीके राय ने बताया कि जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए विभागीय संस्तुति दे दी गई है। वहीं चंचल के सेवा समाप्ति की भी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।