विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार से जनपद की झारखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ की सीमाएं सील कर दी गईं। बार्डरों पर लगे बैरियरों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। मंगलवार को जवानों ने1338 मतदेय स्थलों को कब्जे में ले लिया।
बताते चले कि बुधवार को होने घोरावल, राबर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी विधान सभा क्षेत्र में होने वाले मतदान को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सीमावर्ती एवं नक्सल इलाकों के बूथों पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। पड़ोसी राज्यों के समस्त बार्डर के संपर्क मार्गों पर बैरियरों को लगाकर फोर्स वाहनों की तलाशी ले रही है। वहीं जंगली रास्तों पर सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। ताकि जिले में नक्सली प्रवेश न कर सकेें। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकश शुक्ला ने बताया कि शाम पांच बजे तक बूथों पर 90 कंपनी सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसफ, आरआईएसफ, छत्तीसगढ़ आर्मस फोर्स, बिहार सशस्त्र फोर्स, पीएसी पहुंच गई। प्रत्येक बूथ पर एक सेक्शन केंद्रीय फोर्स, तीन से चार सिपाही और उतने ही होमगार्डों को तैनात किया गया है।
इसी तरह से पुलिस प्रशासन की ओर से नक्सल इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है। पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सादे पोशक में 650 पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। सीमावर्ती इलाकों में नौ से अधिक मुखबिरों को मतदेय स्थलों के आसपास लगाया गया है। क्षेत्र के थाना प्रभारियों को मुखबिरों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। जबकि सादे पोशाक में तैनात पुलिसकर्मी, सीओ समेत अन्य अधिकारियों को रिपोर्ट देते रहेंगे।