सभा को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक संतोष सिंह चंदेल ने कहा कि उच्चाधिकारियों के प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर लेखपाल अशोक चौबे ने जान दे दी । इसकी जितनी निंदा की जाय कम है।
इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए और वहां से दोनों अफसरों को तत्काल हटाया जाना चाहिए, वरना जांच प्रभावित होगी। कहा कि मृत लेखपाल के बेटे को नौकरी और परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
नगर अध्यक्ष राजबहोर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन तानाशाही पर उतर आया है, जो जिले के लिए शुभ नहीं है। उपाध्यक्ष रवि केसरी ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर लूट खसोट की जा रही है।
महामंत्री विनीत ओझा, अंकित पांडेय, कोषाध्यक्ष विकास देव पांडेय ने कहा कि लेखपाल के मौत की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इस मौके पर राघवेंद्र, शशि प्रकाश मिश्रा, आशुतोष सिंह, गणेश सोनी, विशाल सोनी, सूरज मौजूद रहे।