इससे पूर्व सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन जायज मांगों को पूर्ण करने में हीलाहवाली कर रहा है। इसलिए विवश होकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठना पड़ा।
कहा कि आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। वनाधिकार के तहत वन भूमि पर रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाए।
कहा कि मांगों को पूर्ण करने में किसी प्रकार की कोताही की गई तो पुन: कार्यकर्ता तहसील पर परिसर में धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर जिला सचिव श्यामा चरण गिरि, जेपी भारती, कुलदीप पूरी, वीरेंद्र दूबे, आशुतोष गिरि, अमित गिरी, ललित नारायण, रामसूरत, शेर सिंह, रामचंद्र, संतोष मौजूद रहे।