जिले के माध्यमिक कालेजों में छात्र-छात्राओं से अब प्रबंधन अधिक और मनमाने तरीके से शुल्क की वसूली नहीं कर सकेंगे। डीआईओएस कार्यालय से टीम बनाकर शुल्क इसकी गोपनीय जांच होगी।
जिले में बड़ी संख्या में माध्यमिक विद्यालय मनमाने तरीके से छात्रों से शुल्क वसूल कर रहे हैं। शासन ने अब इन पर शिकंजा कसना शुरू किया है। शासन के निर्देश के बाद टीम बना कर अधिक शुल्क वसूलने वाले कॉलेजों की जांच होगी। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला व निदेशक सरिता तिवारी के निर्देश पर जिले में डीआईओएस की ओर से टीमों का गठन होगा। यह टीमें अधिक शुल्क वसूलने वालों के खिलाफ गोपनीय जांच करेंगी। यह निर्देश पिछले दिनों विभिन्न जिलों का दौरा करने वाले मंत्रियों के भ्रमण व आम जनता की शिकायतों की रिपोर्ट पर दिया गया है। इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं से अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत लोगों की ओर से की गई थी।
इसे आधार मानते हुए अब शासन ने सभी जिलों में टीम बना कर सभी माध्यमिक कॉलेजों में शुल्क की गोपनीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस की ओर से जिलास्तर पर टीमें गठित होंगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं कुछ टीमों का निर्धारण किया गया है। यह टीमें स्कूलों से बच्चों की सूचना एकत्र कर गांव-गांव जाएंगे। अभिभावकों और छात्र छात्राओं से शुल्क के बारे में जानकारी लेंगे। इस दौरान शासन के निर्देश पर ऐसे एडेड माध्यमिक विद्यालय जहां वित्तविहीन व्यवस्था संचालित है, उनकी विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
जिले में शुल्क लेने की गोपनीय जांच होनी हैं। इसके लिए टीम बनेगी। कुछ जगहों पर जांच भी कराई गई है। - आरपी यादव, डीआईओएस।