सोनभद्र। मकर संक्रांति का पर्व शनिवार को जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नदी और तालाबों में डुबकी लगाने के बाद अन्न-धन का दान किया। तिल-गुड़ से बनी मिठाइयां और खिचड़ी खाई। बच्चों ने पतंगबाजी की। इस दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नगर के सोमनाथ मंदिर, विरेश्वर मंदिर सहित जिले के अन्य शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर रौप में स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक पंचमुखी महादेव मंदिर में शनिवार की सुबह से ही पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं के आने जाने का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। मकर संक्रांति के दिन दान व पुण्य कर्म करने की सदियों पुरानी परंपरा है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुड़, तिल, शुद्ध घी, चलाई, मूंगफली, रेवड़ी, गजक व उड़द की खिचड़ी सहित गर्म वस्त्रों आदि का दान करके सुखमय जीवन की कामना की। मंदिर के पुजारी आचार्य लक्ष्मण दुबे ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू रहा।