स्कूली बच्चों को विद्यालय लाने के लिए चलाई जा रही खटारा बसों पर सख्ती शुरू हो गई है। शुक्रवार को परिवहन विभाग और पुलिस टीम ने जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया। इससे बस संचालकों और संबंधित विद्यालय प्रबंधनों में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। कार्रवाई के डर से अधिकांश बसें जहां-तहां खड़ी कर दी गई। वहीं पांच बसों को मानकों की अनदेखी पाए जाने पर सीज कर दिया गया।
सुबह करीब साढ़े सात बजे से राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक पर एआरटीओ अवधेश सिंह ने जिन स्कूली वाहनों आगे-पीछे स्कूल का नाम, दूरभाष नंबर, भाड़े वाले वाहनों पर स्कूली ड्यूटी नहीं लिखी थी उनकी जांच शुरू की। यहां क्षमता से अधिक बच्चों को ले जा रही खटारा तीन बसें पकड़ी गई। एआरटीओ ने बसों से बच्चों को स्कूल छुड़वाने के बाद उन्हें सीज कर दिया। इसके बाद चुर्क तिराहे के समीप एआरटीओ ने दो बसों को पकड़ कर कार्रवाई की। इससे मोटर मालिकों संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों में खलबली मच गई।
राबर्ट्सगंज के कई विद्यालयों के प्रबंधकों ने अपने-अपने वाहनों को जहां-तहां खड़ा करा दिया। एआरटीओ अवधेश सिंह ने बताया कि पकड़ी गई बसों को सीज कर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया। गौरतलब हो कि उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में स्कूल के करीब 170 बसें, लगभग चार सौ अन्य वाहन पंजीकृत है। लेकिन अधिकांश स्कूली वाहनों के साइड के शीशे में जाली, फस्ट फस्टेड बाक्स, सीज फायर नहीं है।