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Sonebhadra News: क्वार में सावन जैसी बारिश, 72 घंटे में 80 मिलीमीटर हुई

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रॉबर्ट्सगंज बढ़ौली चौक पर बारिश का नजारा। संवाद
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सोनभद्र। मौसम ने फिर करवट ली है। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बरसात ने सावन-भादो की याद दिला दी है। आमतौर पर अक्तूबर में बारिश नहीं होती। इस दिन औसत बारिश अधिकतम 1 से 3 एमएम तक है, मगर पिछले 72 घंटों में 80 एमएम से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। शुक्रवार को पूरे दिन बारिश की झड़ी लगी रही। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुख्य बाजार की सड़कों पर जलभराव ने राहगीरों की फजीहत कराई।
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जिले में बारिश का सीजन जून से सितंबर तक माना जाता है। इस बीच बारिश का कोटा करीब एक हजार एमएम का है। शुरुआत से ही तेज बारिश के चलते इस वर्ष पहले ही कोटा पूरा हो चुका है। अब अक्तूबर की बारिश बोनस के रूप में है। मौसम विभाग के आंकड़ों की मानें तो एक अक्तूबर को जिले में औसत बारिश अधिकतम तीन एमएम दर्ज है। इसके सापेक्ष इस वर्ष 28.6 एमएम की बरसात हुई है।
यह औसत का 854 प्रतिशत है। वहीं दो अक्तूबर को 0.9 एमएम की औसत बारिश के सापेक्ष 2177 प्रतिशत ज्यादा यानि 20 एमएम की बरसात दर्ज हुई। शुक्रवार की भोर से ही बारिश शुरू हुई, जो पूरे दिन बनी रही। आश्विन माह में ऐसी बारिश देख लोगों को सावन-भादो की याद ताजा हो गई। राजस्व विभाग की ओर से सुबह तक 12.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। वैसे वर्ष 2022 में भी दशहरा से एक दिन पहले चार अक्तूबर को तेज बारिश हुई थी। इससे पहले वर्ष 2011 में भी नवमी-दशमी तेज बरसात दर्ज की गई थी।
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बारिश के चलते रॉबर्ट्सगंज के मुख्य बाजार की सड़कों पर पानी लग। धर्मशाला चौक के पास मेन चौक, नई बस्ती और बाइपास रोड पर जलभराव से राहगीरों को काफी दुश्वारी झेलनी पड़ी। पूरे सड़क पर नाली का पानी फैल गया था। कई वाहन बीच में ही बंद हो गए, जिन्हें खींचकर बाहर निकालना पड़ा।
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तीन डिग्री लुढ़का पारा, उमस से राहत
जिले में शुक्रवार को रुक-रुक कर पूरे दिन हुई बारिश की वजह से तापमान लुढ़का है। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। हालांकि न्यूनतम तापमान बढ़ा है। बारिश की वजह से उमस से थोड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक शुक्रवार को न्यूनतम पारा 24.2 डिग्री और अधिकतम पारा 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। इसके मुकाबले बृहस्पतिवार को न्यूनतम पारा 22.5 और अधिकतम पारा 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ था। इससे पहले बुधवार को न्यूनतम पारा 25.5 और अधिकतम पारा 33.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। इस तरह से बीते 24 घंटे में अधिकतम पारा तीन डिग्री लुढ़का है। हालांकि न्यूनतम पारा बढ़ा है। शुक्रवार को पूरे दिन रुक-रुक कर हुई बारिश की वजह से पारा लुढ़का है। जिले में एक अक्तूबर से अलग-अलग इलाकों में हो रही बारिश की वजह से तापमान में उतार चढ़ाव लगा हुआ है।
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बारिश से फसलों को फायदा
धान की फसल के लिए बारिश को फायदेमंद बताया जा रहा है, लेकिन तेज हवा से अगैती फसलों को क्षति पहुंचेगी। उप निदेशक कृषि जयप्रकाश ने बताया कि फूल झड़ने से धान की पैदावार पर असर पड़ सकता है। बारिश से खरीफ की अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। बारिश बंद न होने पर दिक्कत आ सकती है।
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