जिले के 69 हजार से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हो सकते हैं। बार-बार हिदायतों के बावजूद इन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। उनके लिए अब सिर्फ पांच दिनों का मौका है। इस अवधि में वह ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें सम्मान निधि की अगली किस्त नहीं दी जाएगी।
जिले में 2.04 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाता है। इन किसानों को सरकार की ओर से हर चार माह पर दो-दो हजार रुपये की किस्त के रूप में छह हजार रुपये की मदद भेजी जाती है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सभी पात्र किसानों को ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया है। कई बार हिदायतों के बावजूद अब तक जिले के 1.33 लाख किसानों ने ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की है। करीब 34 प्रतिशत किसान अब भी इससे वंचित हैं। ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। इस दौरान वह तय प्रक्रिया को पूरा नहीं करते तो उन्हें सम्मान निधि के लाभ से वंचित होना पड़ेगा। उप निदेशक कृषि डीके गुप्ता ने बताया कि किसान किसी भी सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। संबंधित वेबसाइट की मदद से वह खुद से भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। तय समय तक इसे पूरा न करने वाले किसानों की पीएम सम्मान निधि की अगली किस्त रुक सकती है।