घोरावल ब्लॉक के पीपरवार एफसीआई गोदाम पर सूखा राहत पैकेट की जांच करते खाद्य सुरक्षा अधिकारी मानिकचंद्र।
घोरावल एसडीएम डीपी सिंह, जिला अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिन्हा ने जोगिनी और भैसवार गांव में सूखा राहत पैकेट में गड़बड़ी पकड़ी है। डीएम के निर्देश के बाद जांच टीम ने पैकेट के वितरण पर रोक लगा दी है। समाजवादी सूखा राहत पैकेट के गुणवत्ता की जांच करने के लिए एसडीएम की अगुवाई में खाद्य विभाग की टीम मंगलवार को घोरावल ब्लॉक के पीपरवार स्थित खाद्य निगम (एफसीआई) गोदाम पर पहुंची। यहां पर समूचे ब्लॉक क्षेत्र के लिए 5020 पैकेट सूखा राहत सामग्री दस ट्रकों से लाया गया था। जांच टीम शामिल जिला अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिन्हा ने बताया कि शुरू में सूखा राहत पैकेट वितरण करने से जुड़े लोगों ने गुणवत्तायुक्त सामग्री को दिखाया।
इसके बाद जोगिनी और भैसवार गांव में जाकर वितरित किए जा रहे करीब 600 पैकेट को खुलवा कर देखा गया तो उसमें चने की दाल की जगह मटर की दाल, लोकल कंपनी का देशी घी, तेल समेत अन्य सामान मिला। इस पर तत्काल पैकेट का वितरण बंद करा दिया। कहा कि संबंधितों को मानक के अनुसार सामग्री लाकर वितरित करने का निर्देश दिया गया है। समाजवादी राहत पैकेट में पाई गई खामियों की रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। जांच टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घोरावल डा. मयंकशंकर दूबे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राबर्ट्सगंज प्रमोद सोनकर शामिल रहे।