हवाई पट्टी के कायाकल्प की कवायद
- फोटो : सोनभद्र
जिले के म्योरपुर में हवाई अड्डा बनाए जाने की कवायद तेज कर दी गई है। गुरुवार को सुबह एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जीएम (ऑपरेशन) एचएस बलहरा विशेष विमान से म्योरपुर हवाई पट्टी पहुंचे और निरीक्षण किया। इस दौरान आसपास की जमीन की पैमाइश कराई। निर्माण की जद में आने वाली जमीन पर चर्चा करने के साथ ही प्रभावितों को मुआवजा देने पर बातचीत की। साथ में आई अथॉरिटी की टीम के सदस्यों ने आवश्यक संसाधनों की जानकारी ली।
करीब साढ़े नौ बजे पहुंचे बलहरा ने रनवे का हाल जाना। चार पहिया वाहन से दो किमी के रनवे को देखा। बाउंड्रीवाल की लंबाई, चौड़ाई की जानकारी ली। हवाई पट्टी के बाहर से भौतिक सत्यापन किया। हवाई पट्टी के पूर्वी छोर को 45 मीटर पूरा करने के लिए उन्होंने जगदीश अग्रहरी एवं बबलू अग्रहरी के घरों के पीछे नापी कराई और उसके विस्तार की रूपरेखा तैयार की। काश्तकारों से कहा कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण करते समय उन्हें मुआवजे के रूप में धनराशि दी जाएगी। कहा कि जबरिया कोई काम नहीं होगा।
बताया कि भौतिक सत्यापन के बाद वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि इसी साल काम शुरू कर हवाई अड्डे के संचालन को अंतिम रुप दिया जाएगा। सारी चीजें अनुकूल रही तो जल्द ही काम शुरु हो जाएगा। म्योरपुर हवाई अड्डा बनाने में अभी तक सब अनुकूल है। उधर, बलहरा ने हवाई पट्टी पर पहुंचने के दौरान सबसे पहले बिना जहाज से उतरे जहाज के प्रेशर से रनवे का हाल जाना। बड़ी कम मात्रा में धूल उड़ने को लेकर उन्होंने संतोष जताया। जबकि तेज प्रेशर के प्रभाव से रनवे भी नहीं उखड़ा।
यह जांचने के लिए जहाज हवाई पट्टी का गोल में एक चक्कर लगाकर रनवे की गुणवत्ता की जांच करता रहा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम विशाल यादव, सीओ ज्ञान प्रकाश राय, तहसीलदार मृत्युंजय सिंह के साथ ही अथॉरिटी की टीम भी मौजूद रही। इस दौरान सदस्यों ने भी अपने स्तर से कई मुद्दों पर चर्चा की। उधर, टीम के निरीक्षण की सूचना पर आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए थे। उनमें हवाई अड्डे निर्माण को लेकर प्रसन्नता दिखी।