24 घंटे से ज्यादा ट्रेनों के लेट होने से बौखलाए यात्रियों ने रविवार को रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। बाद में जीआरपी ने किसी तरह समझाबुझा कर उन्हें शांत कराया। रेल सूत्रों की मानें तो कानपुर-दिल्ली रेल खंड पर रूट डावर्जन के चलते ट्रेनें विलंब से चल रही है। रविवार को स्वर्णजयंती-झारखंड एक्सप्रेस जहां 24 घंटे देर से स्टेशन पहुंची, वहीं जम्मूतवी-टाटा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 12 घंटे विलंबित रहीं।
बता दें कि आनंद बिहार से हटिया जाने वाली स्वर्णजयंती-झारखंड एक्सप्रेस जिसका निर्धारित समय शनिवार को सुबह 9:30 बजे स्टेशन पहुंचने का है, वह दूसरे दिन 24 घंटे देरी से रविवार की सुबह 9:20 बजे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचते ही यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जीआरपी ने कड़ी मशक्तत के बाद मामला शांत कराया। ट्रेन को निर्धारित समय पर 9:50 बजे हटिया के लिए रवाना कर दिया गया।
इसी प्रकार से जम्मूतवी से राउरकेला जाने वाली जम्मूतवी-टाटा एक्सप्रेस लगभग 12 घंटे देर से स्टेशन पहुंची। ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर बैठे यात्री बेचैन होने लगे। स्टेशन पर इस ट्रेन के पहुंचने का समय शनिवार की रात्रि 10 बजे कहा है, लेकिन यह दूसरे दिन रविवार को सुबह 10 बजे स्टेशन पर पहुंची। इससे यात्री हंगामा करने लगे। ट्रेनों की लेट की वजह से विभाग के खिलाफ गुस्सा निकाला। इस दौरान भी जीआरपी ने भड़के यात्रियों को समझाया। ट्रेन नियत समय पर सुबह 10:20 बजे गंतव्य के लिए रवाना कर दी गई।
स्टेशन अधीक्षक जमुना प्रसाद ने बताया कि दोनों ट्रेनों के विलंब से पहुंचने के पीछे सबसे प्रमुख कारण कानपुर-दिल्ली रूट का डायवर्जन होना है। इसी प्रकार कोलकत्ता-अजमेर एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से पांच घंटे देर से पहुंची। इसे शनिवार को तीन बजे भोर में पहुंचना था जो रविवार को सुबह आठ आई। इस ट्रेन को भी सुबह 8:20 बजे रवाना किया गया।