विजयादशमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्थापना दिवस मनाया। शस्त्र पूजन कर प्रार्थना की और राष्ट्रीय एकता व अखंडता को अक्षुण्य बनाने की शपथ दोहराई।
राबर्ट्सगंज के विवेकानंद प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम में विधिपूर्वक शस्त्र पूजा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने आरएसएस की स्थापना, उसके संकल्प और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं ओबरा के गांधी मैदान में स्वयंसेवकों ने शस्त्र पूजन किया। मुख्य वक्ता सुबरन लाल ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1925 में डॉ. हेडगेवार ने कुछ स्वयंसेवकों के साथ मिलकर संघ की स्थापना की थी।
कहा कि डॉ. हेडगेवार ने हिंदू समाज और उसकी बिखरी हुई सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना को एक साथ पिरोकर अखंड भारत को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाने का एक स्वप्न देखा था। उनकी कही बातें आज साकार होती दिख रही हैं। वर्ष 2025 में संघ अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे कर रहा है। जिला सह-संघचालक प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि भगवान राम से संघटन शक्ति और सामाजिक समरसता को स्वयं में धारण कर समाज हित में कार्य करने पर जोर दिया। नगर संघचालक विमल सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भीम राय ने की।