वाहन स्वामियों से निर्धारित राशि लेकर उन्हें फर्जी रिलीज ऑर्डर प्रदान कर देते थे, जो असली जैसा ही दिखता था। विभागीय जांच में खुद को फंसता देख पीएस राय ने वाहन स्वामियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। छानबीन में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कसना शुरू किया तो वह फरार हो गया। कोर्ट के आदेश पर उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई थी। बावजूद कहीं पता न चलने पर पिछले माह पुलिस ने उसे फरार घोषित कर दिया था। पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम उसकी तलाश में लगी थी।
शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने वाराणसी के मोहनसराय स्थित फार्म हाउस से मुख्य आरोपी पीएस राय निवासी सोहांव थाना नरही, जिला बलिया व उसके शरणदाता सह चालक त्रिलोकी नाथ पांडेय निवासी कल्यानपुर थाना सारनाथ को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 1.40 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, एक राउटर व एक कार बरामद हुई।
पूछताछ के बाद दोनों को जालसाजी, फर्जी अभिलेख तैयार करने, आपराधिक साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में म्योरपुर एसओ लक्ष्मण पर्वत, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह, एसओजी प्रभारी शेषनाथ पाल, एसआई बृजेश पांडेय आदि शामिल रहे।