संभलपुर से मिर्जापुर जा रहे फिरोज अहमद ने बताया कि डकैतों ने काले कपड़े से मुंह ढक रखा था। हाथों में असलहा था। सामान भी ले गए और मारापीटा भी। रायबरेली निवासी महेश ने बताया कि बदमाशों ने मेरे करीब 30 हजार रुपये नकद लूट लिया। पत्नी के गहने लूट लिए। विरोध करने पर हमारे दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटकाकर धमकाने लगे। बांदा निवासी उदित नारायण ने बताया कि वह अपनी मां और बहन के साथ संभलपुर में नाना के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे। बदमाशों ने उनका मोबाइल, पर्स में रखे रुपये लूट लिए।
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डकैतों ने कई राउंड की थी फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद की निवासी रिमझिम सिंह ने बताया कि बदमाशों ने उनके सोने की चेन, कान की बाली लूट लिया। विरोध करने पर उनके पुत्र आदित्य (10) की पिटाई की। रोशन कुमार का कहना था कि डकैतों ने महिलाओं के आभूषण उतरवा लिया। जिसने भी मना किया, उसके साथ अभद्रता और मारपीट कर रहे थे। उनके भय से ज्यादातर लोग अपने पास मौजूद सामान खुद सौंप दे रहे थे। अजय कुमार ने बताया कि घटना के वक्त टीटीई दूसरी बोगी में थे। डकैतों के जाते ही यात्रियों ने उन्हें बताया। आरपीएफ के आने के बाद भी रात भर नींद उड़ी रही। सुबह सात बजे ट्रेन के चोपन पहुंचने के बाद एटीएम तौसीफउल्लाह की मौजूदगी में मेडिकल स्टाफ ने घायल यात्रियों का दोबारा उपचार किया। उन्हें बिस्किट, पानी आदि देकर आगे रवाना किया गया।
ट्रेन में डकैती के बाद हंगामा करते यात्री
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यात्रियों ने बताया कि डकैतों ने शराब पी रखी थी। एक ही उम्र करीब 40 वर्ष थी, जबकि अन्य 25-30 वर्ष के थे। वह हिंदी में बातचीत कर रहे थे और फुल पैंट-सर्ट पहने हुए थे। दो डकैतों के पास मोटी लाठी और अन्य के पास देसी पिस्टल थी। यात्रियों के बताए अनुसार आरपीएफ ने इस रूट पर आने वाले गांवों में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है।
डकैतों के हमले में घायल यात्री
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मुरी एक्सप्रेस में जिस जगह घटना हुई, वह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है। इस रूट पर पूर्व में भी कई छोटी-मोटी घटनाएं होती रही है, लेकिन पहली बार डकैती की दुस्साहसिक वारदात ने रेलवे सुरक्षा बल की नींद उड़ा दी है।