सोनभद्र। शासन ने अब सड़कों को गड्ढामुक्त करने की मियाद 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। ऐसे में अब 30 नवंबर तक सड़कें गड्ढामुक्त हो सकेंगी। अभी भी सैकड़ों सड़कों के गड्ढे जस के तस पड़े हुए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।सड़कों की दशा सुधारने के लिए शासन ने गड्ढामुक्ति अभियान शुरू किया है। इसके लिए 15 नवंबर तक की समय सीमा निर्धारित करते हुए मुख्यमंत्री ने पीडब्लूडी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द करते हुए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया है। आज इसकी अंतिम तिथि है। मगर अभी तक करीब तीन सौ से अधिक सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। जिले में लोक निर्माण विभाग की तीन इकाइयां हैं। इसमें प्रांतीय खंड की तरफ से करीब 717, निर्माण खंड को 500 से अधिक सड़कें और लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड द्वितीय इकाई की तरफ से गड्ढामुक्ति के लिए 459 सड़कें चिह्नित की गई हैं। इन मार्गों पर करीब 217 किमी गड्ढामुक्ति का कार्य कराया जाना है। इस तरह से चालू वित्तीय वर्ष में कुल 1948 सड़कें गड्ढामुक्त किए जाने हैं। गड्ढामुक्ति के लिए 12.8 करोड़ की धनराशि शासन से मिली है। मगर, सुस्ती के चलते अभी तक कई सड़कों पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी तक महज 70 फीसदी सड़क ही गड्ढामुक्त हुई हैं। कई सड़कों का टेंडर अभी नहीं किया जा सका है। हालांकि सरकार ने गड्ढामुक्ति का डेडलाइन बढ़ाते हुए 30 नवंबर कर दिया है। चेताया है कि निर्धारत समयसीमा के भीतर सड़कों को गड्ढामुक्त न कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में सड़कों के गड्ढामुक्ति की कौन कहे अभी जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के पास-पास की सड़कें ही गड्ढामुक्त नहीं हो सकी है। पकरी गांव जाने वाला संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील है। यही हाल बढ़ौली जाने वाले संपर्क मार्ग की है। पुसौली, कम्हारी, बरकरा, तियरा, बभनौली की सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अभी तक सड़कें गड्ढामुक्त नहीं की जा सकी है। एक्सईएन प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी गोविंद प्रसाद यादव ने बताया कि अधिकांश सड़कें गड्ढामुक्त कर दी गई हैं। कई सड़कों पर काम चल रहा है। अभी कुछ सड़कों के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर से गड्ढा मुक्ति का कार्य कराने के लिए समयसीमा बढ़ाते हुए 30 नवंबर कर दी गई है।