राबर्ट्सगंज रामसरोवर तालाब पर शोपीस बनी पानी की टंकी को दिखाती महिलाएं।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। नगर पालिका राबर्ट्सगंज की 50 हजार आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए रॉबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल परियोजना का काम चल रहा है। लेकिन वर्षों बाद भी परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका है। परियोजना के शुरू होने की तिथि साल दर साल बढ़ती जा रही है। दो जोन में टेस्टिंग कार्य तो पूरा कर लिया गया। बावजूद इसके नगरवासियों को शुद्ध पेयजल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। 2015 में करीब 96.1 करोड़ की लागत से राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल योजना का काम चल रहा है। इस परियोजना से धंधरौल बांध के सीपेज पानी को फिल्टर कर नगर वासियों को आपूर्ति करने की योजना है। कई वर्ष से चलती आ रही इस परियोजना का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। परियोजना को शुरू करने की तिथि साल दर साल, महीने दर महीने बढ़ता जा रहा है। परियोजना को पिछले वर्ष ही शुरू किया जाना था, लेकिन विभागों के बंटवारा के बाद इसकी तिथि मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई। फिर भी काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद अक्तूबर महीने तक परियोजना से पानी आपूर्ति शुरू किए जाने का दावा किया गया, मगर अब तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। वहीं जलनिगम नगरीय के अधिकारियों के अनुसार तो परियोजना चार जोन में बंटी है। जून से टेस्टिंग चल रही है। पहले और दूसरे जोन यानी नगर के न्यू कॉलोनी एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के पीछे वाले मोहल्ले में टेस्टिंग का काम पूरा हो गया है। अब तीसरे जोन में टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। टेस्टिंग पूरा करके हाउस कनेक्शन करते हुए परियोजना से पानी आपूर्ति शुरू की जाएगी। इसमें भी कम से कम दो माह तक का समय लगना तय है। एक्सईएन जलनिगम नगरीय संजय कुमार ने बताया कि पहले और दूसरे जोन में पाइप टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। तीसरे जोन में टेस्टिंग चल रहा है। इस हिसाब से दिसंबर तक टेस्टिंग पूरा कर लिया जाता, मगर पर्याप्त पानी न मिलने से परियोजना में देरी हो सकती है।