सोनभद्र। पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। बेलन, घाघर, बकहर नदी और पहाड़ी नालों के उफनाने से 30 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों बीघा खेत पानी में डूब गए। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर उरमौरा में 48 घंटे से दो फीट तक पानी बह रहा है। इससे शनिवार की रात कुछ देर के लिए आवागमन रुक गया था। कार-बाइक सहित अन्य छोटे वाहनों को पानी से निकलने में काफी दिक्कतें हुईं।
शुक्रवार की रात नौ बजे से तेज बारिश शुरू हुई थी, जो पूरी रात जारी रही। शनिवार को भी दिन में रुक-रुककर बारिश होती रही। रात में फिर घने बादल झूमकर बरसे। कैचमेंट एरिया में भारी बारिश से धंधरौल और नगवां बांध लबालब हो गए हैं। बांधों के गेट खोलकर बेलन और घाघर नदी में पानी छोड़ा गया। बारिश के साथ बांधाें का पानी आने से नदियां उफना गईं। इससे हिंदुआरी, बिच्छी, ममुआ, मानपुर, तियरा, पकरी, बिजौली, श्रीपालपुर, बेठगाईं, पलिया, बुड़हर, मरकरी, घुवास, मोकरम सहित कई गांवों की सीमा में बेलन नदी का पानी घुस गया। इन गांवों के सैकड़ों बीघे खेत जलमग्न हो गए। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया। वहीं, घाघर बैराज के फाटक खोलने से मीना बाजार, मारकुंडी, गुरमा, चकरिया, कुशहिया आदि गांव प्रभावित हुए हैं। नदी के किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा।
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48 घंटे में 100 एमएम बारिश
महज 48 घंटे की बारिश ने 100 एमएम का आंकड़ा छू लिया है। शनिवार को सुबह तक 56.9 एमएम औसत वर्षा पूरे जिले में दर्ज की गई थी। इसके बाद रविवार तक 43 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। यह अगस्त के कुल कोटा 360 एमएम के एक चौथाई के बराबर है।
कोहरमारा टोला में अस्थाई पुल बहा, आवागमन बाधित
बीजपुर। म्योरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जरहां के टोला कोहरमारा में अस्थायी पुल बारिश से बह गया। इससे डीघुल, डूमरचुआ, राजो सहित अन्य टोलों का संपर्क टूट गया। गांव के अंबिका, राजू, राजकुमार, मंदेश, रवि, प्रेमचंद, कौशल, आनंद, सीताराम आदि का कहना है कि पिछले महीने भी पुल टूट कर बह गया था। दो दिन से लगातार बारिश के कारण फिर बह गया। अब ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। संवाद
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बेलन नदी का जलस्तर बढ़ने से फसल जलमग्न
केकराही/चुर्क। बारिश से बेलन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे तटवर्ती गांवों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। करकी, वसदेवा, वारी, महेवा, रानीतारा, मोकरसम आदि गांवों में धान की फसल जलमग्न हो गई है। मुक्खा फाल के 11 में से दो फाटक खोले गए हैं। चुर्क क्षेत्र के रौंप और मुसही गांवों के कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है। यहां लोगों को बरसात में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। रविवार को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र वाल्मीकि ने जेसीबी मंगवाकर नालियों की सफाई करवाई। साथ ही सड़कों को काटकर पानी निकाला गया, तब लोगों को कुछ राहत मिली। संवाद
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उचका गांव के घरों में घुसा बाढ़ का पानी
शाहगंज। बेलन नदी में उफान आने से शनिवार की रात घोरावल ब्लाॅक के उचका गांव के चार घरों में पानी घुस गया। सभी परिवारों को घर छोड़कर सड़क की पटरी पर सहारा लेना पड़ा। गांव की हीरावती समेत चार लोगों के परिवार बेलन नदी के किनारे पट्टे पर मिली जमीन पर घर बनाकर रहते हैं। नदी में बाढ़ आने से इनके घरों में पानी घुस गया है। हीरावती ने कहा कि बच्चों के साथ सड़क के किनारे रहने में डर लगता है। बेलन नदी से आकर मगरमच्छ घरों में घुस जाते हैं। एसडीएम आशीष त्रिपाठी ने कहा कि उचका गांव में बाढ़ प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाई जाएगी। संवाद
पुलिया पर पानी बहने से आवागमन ठप
म्योरपुर। क्षेत्र किरबिल गांव दक्षिण टोला जाने वाले मार्ग पर रविवार को सुबह पुलिया के पानी बहने से आवागमन ठप हो गया और लोग घंटों दोनों तरफ फंसे रहे। वहीं, लोगों को अपने ही घर पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा।ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया की ऊंचाई कम है। ऐसे में तेज बारिश होने पर पानी पुलिया पर बहने लगता है। गांव के विजय, गणेश, राम सजीवन और हुकुमचंद ने बताया कि यह दक्षिण टोला और करहिया जाने का प्रमुख मार्ग है। बरसात में पानी भरने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। संवाद