फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोलियाघाट-शिल्पी व कोलियाघाट-रिजूल मार्ग का हाल खस्ताहाल

विज्ञापन
घोरावल क्षेत्र के शिल्पी कोरट मार्ग की क्षतिग्रसत सड़क। - फोटो : SONBHADRA
विज्ञापन
घोरावल। तहसील को मध्यप्रदेश और चोपन ब्लॉक से जोडने वाला कोलियाघाट-शिल्पी संपर्क मार्ग और कोलियाघाट-रिजूल संपर्कं मार्गं की हालत बेहद खराब है और इनका निर्माण लंबे अरसे से सरकारी फाइलों में उलझा हुआ है। जबकि इन दोनों मार्गों के निर्माण के लिए दो साल पहले ही टेंडर हो चुका है और डेढ़ साल पहले वन विभाग को 9511275 रुपये प्रतिकर धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो वन विभाग से कोलियाघाट-शिल्पी मार्ग निर्माण के लिए एनओसी मिल गई है। लेकिन अभी कोलियाघाट-रिजूल संपर्क मार्ग की फाइल लटकी हुई है। घोरावल ब्लॉक में पडने वाला कोलियाघाट-शिल्पी संपर्क मार्ग और कोलियाघाट-रिजूल संपर्क मार्ग अंतरराज्यीय महत्व के हैं। जो सोन नदी के किनारे पड़ता है। पहाड़ी घाटी क्षेत्र में पडने वाला करीब 1400 मीटर लंबा कोलियाघाट-शिल्पी संपर्क मार्र्ग औ करीब 1600 मीटर लंबा कोलियाघाट-रिजूल संपर्क मार्ग कच्चा और उबड़ खाबड़ है। यह कैमूर वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस मार्ग से मध्यप्रदेश के दर्जनों गांवों के साथ ही चोपन ब्लॉक के भी दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। ये दोनों संपर्क मार्ग बन जाने पर शिल्पी, कोरट, रिजूल, कदरा, घोरिया, नेवारी, चतरवार, जैमुअल, भरहरी समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के लिए लाभदायक होगा। इसके अलावा घोरावल नगर के लिए भी व्यवसायिक दृष्टिकोण से काफी लाभकारी सिद्ध होगा। फिलहाल दोनों संपर्क मार्ग खराब होने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर लंबे कच्चे और उबड़ खाबड़ मार्ग से होकर जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के दृष्टिकोण से इसका निर्माण क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें