घोरावल -मिर्जापुर सीमा पर बकहर नदी के पुल पर भरा बारिश का पानी। संवाद
सोनभद्र/घोरावल। जिले में दो दिन से हो रही झमाझम बारिश से न सिर्फ धान की फसल लगाए किसानों को राहत मिली है। बल्कि तापमान में गिरावट दर्ज होने से मौसम भी सुहाना हो गया है। मंगलवार को बेलन और बकहर नदी उफान पर होने से घोरावल-मिर्जापुर मार्ग पर करीब पांच घंटे आवागमन बाधित रहा। जलस्तर में वृद्धि की वजह से बेलन बीयर के दो फाटक खोलने पड़े। वहीं जिला मुख्यालय के रॉबर्ट्सगंज शहर में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में भी जगह-जगह जलभराव से परेशानी हुई। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के साथ ही ग्रामीण इलाकों में दो दिन से झमाझम बारिश हो रही है। सोमवार की रात में भी तेज बारिश हुई। दूसरे दिन मंगलवार को दोपहर में भी बारिश हुई। ओबरा क्षेत्र में तेज बारिश हुई। सावन के तीसरे सप्ताह में हो रही अच्छी बारिश से जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज हो रही है। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं घोरावल तहसील क्षेत्र में सोमवार रात हुई तेज बारिश के चलते बकहर और बेलन नदियां उफान पर आ गईं। घोरावल को मंडल मुख्यालय मिर्जापुर से जोड़ने वाले मार्ग पर धुरकरी गांव में बकहर नदी पर बना पुल मंगलवार भोर में पूरी तरह पानी में डूब गया। पुल के ऊपर करीब दो फीट पानी बहने से आवागमन करीब पांच घंटे तक बाधित रहा। सुबह करीब 10 बजे के बाद नदी का जलस्तर घटने लगा, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हुआ। उधर, लगातार बारिश से शिवद्वार, कोहरथा, गुरुवल और मंदहा मार्गों पर बेलन नदी भी उफान पर है। ग्रामीणों में आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बेलन नदी पर बने अन्य पुल भी जलमग्न हो सकते हैं। बारिश की वजह से रॉबर्ट्सगंज नगर के सिविल लाइंस रोड, धर्मशाला चौक, चंडी होटल के पास समेत अन्य इलाकों में जलभराव की स्थिति रहीं। इसी तरह घोरावल में सीएचसी मार्ग, वन विभाग कार्यालय परिसर, मुक्खा मोड़ और खुटहां बाईपास सहित कई स्थानों पर जलजमाव की समस्या रहीं। इससे आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में हो रही झमाझम बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है। बीते दो दिन में अधिकतम तापमान में 2.4 और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के अनुसार मंगलवार को न्यूनतम पारा 25.0 और अधिकतम पारा 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले सोमवार को न्यूनतम पारा 24.6 और अधिकतम पारा 30.0 तथा रविवार को न्यूनतम पारा 26.2 और अधिकतम पारा 31.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज हो रही है। इससे रात और दिन के उमस में थोड़ी राहत मिली है। बारिश के कारण बेलन नदी से जुड़े बेलन बीयर बांध का जलस्तर मंगलवार सुबह खतरे के निशान 85 मीटर को पार कर 85.4 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद बांध के 11 में से दो फाटक खोल दिए गए। फाटक खोले जाने के बाद जलस्तर घटकर करीब 84.7 मीटर पर आ गया। मंगलवार को दिन में बकहर और बेलन दोनों नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की गई। घोरावल क्षेत्र के किसान सुरेश पटेल, प्रमोद कुमार, बहादुर मौर्य, विमलेश शंकर और मुन्ना ने बताया कि लगातार हुई बारिश से धान की फसल को काफी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से धान की फसल को फायदा हुआ है। वहीं दूसरी ओर मिर्च और टमाटर की खेती को नुकसान होने की बात किसानों ने कही। पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते बांधों के जलस्तर में वृद्धि हुई है तो सोन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। चोपन में घाट पर सोन नदी के खतरे का निशान 171 मीटर है। सोमवार की सुबह नदी का जलस्तर 167.66 मीटर दर्ज किया गया। वहीं 24 घंटे बाद मंगलवार को जलस्तर 168.39 मीटर था। नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव जारी है।