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Sonebhadra News: मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफनाए, सड़कों पर जलभराव, घर-दुकान में घुसा पानी

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सोनभद्र। सावन-भादौ में औसत से भी कम बारिश के बाद आश्विन मास में पिछले 36 घंटे से लगातार तेज बारिश में नदी-नाले उफना गए हैं। चौतरफा बारिश से बांधों के जलस्तर में भी इजाफा हुआ है। छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित कनहर बांध के 16 में से 12 गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है।
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धंधरौल बांध से भी मंगलवार की सुबह भारी मात्रा में पानी घाघर नहर में छोड़ा गया। इससे नहर से सटे इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। उधर, बारिश के बाद वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर कई जगह पानी लगने से आवागमन बाधित हुआ। घर, दुकान में भी पानी घुसने से लोग हलाकान रहे। चौबीस घंटे में 120 एमएम बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे सीजन की सबसे ज्यादा बारिश माना जा रहा है।
बारिश का क्रम सोमवार की सुबह से शुरू हुआ था। रुक-रुककर पूरे दिन रिमझिम बारिश होती रही। देर शाम घनघोर घटाओं के छाने के बाद तेज बारिश शुरू हुई जो रात भर जारी रही। मंगलवार को दिन में भी तेज बारिश ने जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया। राबर्ट्सगंज नगर के चंडी तिराहा, धर्मशाला चौक, उत्तर मोहाल, नवीन मंडी गेट के सामने सर्विस लेन पर पानी भर गया।
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उरमौरा में इमरती कॉलाेनी के सामने हाईवे पर पानी लगने से वाहनों को आवागमन में दिक्कतें हुई। पानी घुसने से कई वाहन बीच में ही बंद हो गए। उन्हें पिकअप, ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकालना पड़ा। इस वीआईपी काॅलोनी के रहवासियाें को दफ्तर, स्कूल-कॉलेज आदि जाने के लिए दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ा। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री बीएन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। नई बस्ती मोहल्ले में जलनिकासी के समुचित इंतजाम न होने से घरों के अंदर भी पानी घुस गया। वैनी: तेज बारिश के चलते कन्हौरा से नगांव संपर्क मार्ग दोनों किनारे पर कट गया।
इससे आवागमन बाधित हो गया है। गांव में वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। ग्रामीण सिर्फ पैदल ही आ-जा सकते हैं। इसी तरह नगांव, सोहदवल, बनबहुआर, सिकारपुर आदि गांवों में कई घर पानी से घिरे हुए हैं, जिससे गिरने का डर बना हुआ है। मधुपुर: अवर्षण की मार झेल रहे इलाके में अचानक मौसम ने करवट बदली और सूखे की स्थिति रातों-रात बाढ़ में तब्दील हो गई। सोमवार की पूरी रात तेज बारिश के चलते कम्हरिया गांव के समीप पानी हाईवे पर आ गया। इससे एक लेन पर आवागमन अवरुद्ध हो गया। बस्ती के कई लोग अपना घर छोड़ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। वहीं आमडीह गांव की शांति देवी पत्नी रामजतन, बलकुंवर, लल्लन, श्यामू, रामू के खपरैल के मकान जमींदोज हो गए। प्राथमिक विद्यालय अखड़वा हिनौता में आधे भवन की ऊंचाई तक पानी भर गया। हिनौता के बबुंदर, शंभू का खपरैल का मकान धराशायी हो गया। मधुपुर में चंद्रप्रभा के उदगम स्थल के पास पानी हाईवे के बराबर आ गया था। सलखन: गुरमा जेल मार्ग पर पानी लगने से आवागम बाधित हो गया। जगह-जगह खोदे गए गड्ढों में गिरकर राहगीर चोटिल होते रहे।
धान के लिए बारिश फायदेमंद, सब्जियों को नुकसान
सोनभद्र। लगातार हो रही तेज बारिश के बाद किसानों में कहीं खुशी-कहीं गम जैसी स्थिति है। बारिश से जहां धान की फसल को फायदा पहुंचा तो वहीं सब्जियों के लिए नुकसानदायक है। धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे बारिश के बाद खिल उठे। कृषि अधिकारी के मुताबिक मिर्च, टमाटर, लौकी, पालक आदि की फसलों को क्षति पहुंची है।
कनहर उफान पर, बांध के 12 गेट खाेले गए
दुद्धी। छत्तीसगढ़ से निकली कनहर नदी बीते दो दिन से लगातार बारिश के कारण उफान पर है। पहाड़ों से बारिश का पानी नदी में आने के बाद कनहर बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। बांध को सुरक्षित रखने के लिए कुल 16 में 12 गेट खोलकर पूरे दिन पानी निकाला जाता रहा। रविवार की रात में ही कनहर बांध का स्तर 251.6 तक पहुंचने पर गेट खोल दिया गया। बावजूद तेज बारिश के चलते जलस्तर में वृद्ध जारी रही, जो मंगलवार की सुबह तक 254.1 मीटर तक हो गया। अवर अभियंता खंड-3 नंदलाल यादव ने कहा कि बांध के आरएल लेबल 254.1 मीटर तक जलस्तर बढ़ने पर 12 गेट को खोला गया है। पानी आने का क्रम बना रहा तो बांध के सभी गेट खोले जाएंगे। अभी बांध के गेट से अनवरत तीन मीटर तक पानी निकल रहा है। कनहर बांध से पानी छोड़ने से सोन नदी का जलस्तर भी बढ़ा है।
खदानों में फिसलन, सड़कों पर पानी
शक्तिनगर। इलाके में 36 घंटे से अधिक लगातार बारिश से कोयला खदानों में फिसलन बढ़ गई। इसका असर कोयला परिवहन पर दिखाई पड़ा। इसी तरह मुख्य मार्ग सहित संपर्क रास्तों पर जल जमाव से आवाजाही में दिक्कतें पैदा हुई। रविवार रात शुरू बारिश का सिलसिला मंगलवार रात तक चलता रहा। इस वजह से कोयला खदानों के निचले क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। खदान की सड़कों पर फिसलन बढ़ने का असर कोयला परिवहन पर पड़ा। शक्तिनगर- वाराणसी राजमार्ग पर राजकिशन रहवासी क्षेत्र के पास मौजूद रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पानी जमा होने से छोटे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। खड़िया बाजार से शक्तिनगर को जोड़ने वाले वैकल्पिक रास्ते पर भी जगह जगह जल भराव से समस्या हुई।
इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश
सोनभद्र। जिला आपदा सलाहकार पवन शुक्ला ने बताया कि सोमवार की सुबह आठ बजे से मंगलवार की सुबह आठ बजे के बीच राबर्ट्सगंज व आसपास के क्षेत्रों में औसम 120 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह इस सीजन में 24 घंटे के दौरान हुई सबसे ज्यादा वर्षा है। इससे पहले 2021 में 24 घंटे के अंदर 135 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि सुबह आठ बजे के बाद भी मंगलवार को पूरे दिन तेज बारिश का क्रम बना रहा।
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जिले में कहां-कितनी हुई बारिश::
क्षेत्र: बारिश (एमएम)
नगवां: 62.3
धंधरौल: 125
ओबरा: 17
रिहंद: 25
राबर्ट्सगंज: 102.5
चोपन: 117.8

जिले के बांधाें का जलस्तर मीटर में

बांध: वर्तमान अधिकतम
नगवां: 357.73: 354.60
धंधरौल: 313.87: 317.90
ओबरा: 192.80: 193.24
रिहंद: 259.11: 265.18
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