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Sonebhadra News: बाजार में बालू के दामों में उछाल, गिट्टी के भी बढ़ने लगे दाम

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सोनभद्र। एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन ने सोन नदी में संचालित बालू की सभी खदानों से खनन कार्य बंद करा दिया है। इसका असर बाजार में दिखने लगा है। भवन निर्माण सामग्री के विक्रेताओं ने बालू के दाम बढ़ा दिए हैं। जिनके पास पहले से स्टॉक है, वह भी उसे अधिक दाम पर बेच रहे हैं। फिलहाल स्थानीय बाजार में यह वृद्धि दो-तीन रुपये प्रति फीट की है। बालू के साथ गिट्टी के दामों में भी उछाल आने लगा है। दुकानदार इसे खदानों से ही महंगी आपूर्ति होने का कारण बता रहे हैं।
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जिले में बालू खनन का प्रमुख स्रोत सोन नदी ही है। नदी में सात स्थानों पर खनन कार्य होता था। दो से पहले ही खनन कार्य बंद हो चुका था। अब अन्य स्थानों से भी बालू की निकासी रोक दी गई है। आमतौर पर नदियों से खनन 30 जून के बाद बंद होता है। तब तक कारोबारी पर्याप्त मात्रा में बालू का स्टॉक कर लेते थे, जिससे बरसात में भी जरूरत के अनुसार लोगों को बालू उपलब्ध हो जाता था। इस बार एनजीटी के आदेश पर करीब एक माह पहले ही खनन कार्य रोकने से कारोबारी परेशान हैं। इसका सीधा असर बाजार में बालू के दाम पर बताया जा रहा है। स्थानीय मंडी में अब तक 45 से 50 रुपये प्रति फीट उपलब्ध होने वाले बालू के दाम कारोबारियों ने अपने स्तर से दो से तीन रुपये प्रति फीट बढ़ा दिया है। खरीदारी के लिए पहुंच रहे ग्राहक अचानक से दाम में वृद्धि सुन चौंक जा रहे हैं। सोमवार को उरमौरा स्थित मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। बालू लदी ट्रकों की भीड़ की बजाय एक-दो ट्रक ही वहां मौजूद थे। उधर, बालू के साथ गिट्टी के दाम में भी वृद्धि शुरू हो गई है। विक्रेताओं के मुताबिक खदानों से परमिट का रेट बढ़ाने के कारण गिट्टी महंगी मिल रही है। इस बाबत ज्येष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि आदेश के अनुपालन में सोन नदी में चल रहे खनन कार्य को बंद कराया गया है। आगे जैसे निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट में सोमवार को ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि ओवरलोड के नाम पर चालान कर ट्रक मालिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। गत 11 व 21 मई को जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना रायल्टी और फर्जी कागजात पर चल रहे ट्रकों को छोड़ दिया जा रहा है, जबकि नियमानुसार परिवहन करने वाले वाहन स्वामियों का उत्पीड़न हो रहा है। अगर अवैध परिवहन को बंद कराना है तो अवैध खनन को तत्काल प्रभाव से बंद होना चाहिए। क्रशर पर भंडारण की नापी कराकर निर्धारित मात्रा में गिट्टी सुनिश्चित कराया जाय। ओवरलोडिंग के लिए ट्रक मालिकों पर कार्रवाई हो रही, लेकिन ओवरलोड लादने वाले प्लांट संचालकों पर नरमी दिखाई जा रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में अंकुर कश्यप, कमल किशोर सिंह, अमित पांडेय, सोनू मिश्रा, राजेश यादव, देवेंद्र पाठक, विनोद पटेल, संदीप पटेल आदि शामिल रहे।
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